Sawan 2026 Somwar Vrat: इस साल सावन में बन रहे एक साथ 6 शुभ योग, शिवलिंग पर अर्पित करें ये चीजें, मिलेगा लाभ
नई दिल्ली। Sawan 2026 Somwar Vrat: भगवान शिव को समर्पित सावन माह की शुरुआत इस वर्ष विशेष धार्मिक संयोगों के साथ हो रही है। सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त 2026 को पड़ेगा और इस दिन एक-दो नहीं, बल्कि छह शुभ योग एक साथ बन रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इतने शुभ योगों का एक साथ बनना दुर्लभ माना जाता है, जिससे इस दिन की शिव आराधना का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस वर्ष सावन का महीना 30 जुलाई से 28 अगस्त तक रहेगा और पूरे महीने में कुल चार सोमवार आएंगे। इनमें पहला सोमवार सबसे खास माना जा रहा है क्योंकि इस दिन पूजा-पाठ और रुद्राभिषेक के लिए कई शुभ संयोग प्राप्त हो रहे हैं।
छह शुभ योगों का विशेष संयोग
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 3 अगस्त को प्रीति योग, आयुष्मान योग, सुकर्मा योग, शिव योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और शोभन योग का निर्माण होगा। मान्यता है कि इन योगों में भगवान शिव की श्रद्धापूर्वक आराधना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है।
पूजा के लिए तीन प्रमुख शुभ मुहूर्त
सावन के पहले सोमवार शिव पूजन के लिए दिनभर शुभ रहेगा, लेकिन विशेष रूप से तीन मुहूर्त अत्यंत फलदायी माने गए हैं
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:19 बजे से 5:01 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक
- संध्या मुहूर्त: शाम 7:11 बजे से रात 8:14 बजे तक
इन समयों में भगवान शिव का अभिषेक और पूजा-अर्चना करना विशेष पुण्यदायक माना गया है।
शिवलिंग पर क्या अर्पित करें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन के पहले सोमवार भगवान शिव का अभिषेक गंगाजल या गाय के दूध से करना शुभ माना जाता है। इसके बाद तीन पत्तियों वाले बेलपत्र, शमी पत्र, भांग, धतूरा, मदार के पुष्प और चंदन अर्पित किए जाते हैं। मान्यता है कि इन वस्तुओं से पूजा करने पर भगवान शिव प्रसन्न होकर भक्तों को सुख, समृद्धि, आर्थिक उन्नति और पारिवारिक खुशहाली का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
सावन 2026 के चार सोमवार
- पहला सोमवार: 3 अगस्त 2026
- दूसरा सोमवार: 10 अगस्त 2026
- तीसरा सोमवार: 17 अगस्त 2026
- चौथा सोमवार: 24 अगस्त 2026
Sawan 2026 Somwar Vrat: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन के प्रत्येक सोमवार का विशेष महत्व होता है, लेकिन इस बार पहले सोमवार पर बन रहे छह शुभ योग इसे और अधिक पावन एवं फलदायी बना रहे हैं। ऐसे में शिवभक्त इस दिन व्रत, रुद्राभिषेक और विधि-विधान से पूजा कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।




