CG Vidhan Sabha Session: इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा पर विधानसभा में तीखी बहस, विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल
रायपुर। CG Vidhan Sabha Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा और वन्यजीव तस्करी का मुद्दा जोरदार तरीके से सदन में गूंजा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सरकार से सवाल करते हुए आरोप लगाया कि नक्सल गतिविधियों में कमी आने के बाद अब वन्यजीव तस्कर सक्रिय हो गए हैं, लेकिन सरकार इस मामले में पूरी पारदर्शिता नहीं बरत रही है।
डॉ. महंत ने पूछा कि बाघ तस्करी और शिकार के मामलों में गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं सरकार किसी बड़े सिंडिकेट को संरक्षण तो नहीं दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कार्रवाई प्रभावी होती, तो इस तरह की घटनाएं लगातार सामने नहीं आतीं।
मामले पर जवाब देते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सरकार किसी भी आरोपी को बचाने का प्रयास नहीं कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी का नाम छिपाया नहीं गया है और वन विभाग पूरी गंभीरता के साथ कार्रवाई कर रहा है। मंत्री ने बताया कि बारिश के मौसम में भी विभाग की टीमें जंगलों और आसपास के गांवों में लगातार निगरानी और जांच अभियान चला रही हैं।
चर्चा के दौरान डॉ. महंत ने यह भी सवाल उठाया कि जिस समय टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार की घटना हुई, उसी दौरान करीब दो घंटे तक निगरानी कैमरे बंद कैसे रहे। उन्होंने पूछा कि क्या इस मामले में कैमरों की फॉरेंसिक जांच कराई गई है। उनका दावा था कि अब तक छह बाघों की मौत हो चुकी है और हर बार ऐसी घटनाओं के दौरान कैमरे बंद हो जाते हैं, जिससे डिजिटल साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका पैदा होती है।
CG Vidhan Sabha Session: इस पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कैमरे बंद होने या डेटा छिपाने जैसी कोई घटना सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि सरकार वन्यजीव संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और टाइगर रिजर्व में निगरानी व्यवस्था लगातार मजबूत की जा रही है। मंत्री के अनुसार, वर्तमान में 126 कैमरे लगाए गए हैं और बाघों की संख्या में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि वन्यजीवों की सुरक्षा, तस्करी पर रोक और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




