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New Voter Rules 2026: नए वोटर्स के लिए चुनाव आयोग ने बदले नियम, अब Form-6 के साथ देनी होगी माता-पिता की SIR की जानकारी

नई दिल्ली। New Voter Rules 2026: पहली बार वोटर बनने की तैयारी कर रहे नागरिकों के लिए चुनाव आयोग ने आवेदन प्रक्रिया में अहम बदलाव किया है। अब मतदाता सूची में नया नाम जुड़वाने के लिए Form-6 भरने वाले आवेदकों को अपने माता-पिता से जुड़ी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) संबंधी जानकारी भी अनिवार्य रूप से देनी होगी।

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आयोग के अनुसार, यह नई व्यवस्था मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से लागू की गई है। ऑनलाइन Form-6 भरते समय निर्धारित घोषणा (डिक्लेरेशन) किए बिना आवेदन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकेगी।

क्या है नए नियम का उद्देश्य?

चुनाव आयोग का कहना है कि इस बदलाव से नए मतदाताओं का रिकॉर्ड उनके परिवार के पहले से मौजूद मतदाता रिकॉर्ड से जोड़ा जा सकेगा। इससे फर्जी, दोहराए गए या गलत नामों की पहचान करना आसान होगा। साथ ही कई मामलों में अतिरिक्त दस्तावेजों की आवश्यकता भी कम हो सकती है।

अब नए मतदाताओं पर भी लागू होगा नियम

अब तक माना जा रहा था कि SIR से जुड़ी जानकारी केवल उन मतदाताओं के लिए जरूरी है, जिनका नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) के दौरान सत्यापित नहीं हुआ था। हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रावधान अब पहली बार वोटर बनने वाले सभी नए आवेदकों पर भी लागू रहेगा।

बिहार से हुई थी शुरुआत

आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, इस व्यवस्था की शुरुआत सबसे पहले बिहार में चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान की गई थी। वहां नए मतदाताओं से Form-6 के साथ यह घोषणा भरवाई गई थी। अब इसी प्रक्रिया को नियमित आवेदन प्रणाली का हिस्सा बनाया गया है।

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चुनाव आयोग का पक्ष

New Voter Rules 2026: चुनाव आयोग ने कहा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का उद्देश्य प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना और मृत, स्थानांतरित, अपात्र अथवा डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाना है। आयोग का दावा है कि पूरी प्रक्रिया संविधान और चुनावी नियमों के अनुरूप पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही है।

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