धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राज्यों में भी बढ़ी जवाबदेही की मांग, कई शिक्षा मंत्रियों पर निशाना
नई दिल्ली। Resignation Of Education Ministers In States: पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब विभिन्न राज्यों में भी शिक्षा व्यवस्था और भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने उन राज्यों के शिक्षा मंत्रियों से भी जवाबदेही तय करने की मांग शुरू कर दी है, जहां हाल के वर्षों में भर्ती या प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर विवाद सामने आए हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि यदि परीक्षा संबंधी मामलों में केंद्र स्तर पर जवाबदेही तय की गई है, तो राज्यों में भी समान मानदंड अपनाए जाने चाहिए। इसी मांग को लेकर कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
लखनऊ और पंजाब में प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में छात्र संगठनों ने बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और जिम्मेदारी तय करने के लिए सभी राज्यों में समान नीति अपनाई जानी चाहिए। पंजाब में दो सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल ने राज्य सरकार से परीक्षा प्रक्रिया पर जवाब मांगा है।
फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत फार्मेसी अधिकारियों की भर्ती परीक्षा के दौरान पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने कई परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान कई अभ्यर्थियों और अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया। जांच में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के कथित इस्तेमाल और परीक्षा के दौरान बाहरी नेटवर्क के जरिए उत्तर उपलब्ध कराने की आशंका सामने आई। विपक्ष ने इसे परीक्षा प्रणाली की बड़ी विफलता बताते हुए संबंधित मंत्रियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
हालांकि राज्य सरकार का कहना है कि प्रश्नपत्र पहले से लीक नहीं हुआ था, बल्कि परीक्षा शुरू होने के बाद हाई-टेक तरीके से नकल कराने की कोशिश का समय रहते खुलासा कर दिया गया। कृषि विकास अधिकारी (ADO) भर्ती परीक्षा को लेकर भी विपक्ष ने गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं रही और प्रश्नपत्र से जुड़े विवादों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस मामले को लेकर अभ्यर्थियों ने भी प्रदर्शन किए हैं।
आंध्र प्रदेश में मेगा DSC परीक्षा पर विवाद
आंध्र प्रदेश में शिक्षक भर्ती (Mega DSC-2025) परीक्षा को लेकर विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने सरकार पर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और गोपनीयता प्रभावित हुई है, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। विपक्ष ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने और शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग की है।
तेलंगाना में भी राजनीतिक घमासान
तेलंगाना में भाजपा ने शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्य सरकार को घेरा है। पार्टी ने लंबित छात्रवृत्ति और शिक्षा योजनाओं के भुगतान का मुद्दा उठाते हुए शिक्षा विभाग के कामकाज पर सवाल खड़े किए हैं तथा शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
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परीक्षा प्रणाली पर बढ़ी बहस
Resignation Of Education Ministers In States: देश के विभिन्न राज्यों में भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठ रहे विवादों के बीच परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, सुरक्षा और जवाबदेही पर नई बहस शुरू हो गई है। छात्र संगठन निष्पक्ष जांच, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि, जिन मामलों में अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं, उनमें कई की जांच अभी जारी है। अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एजेंसियों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएंगे।




