Palm Oil Crisis In India: महंगाई की नई मार, साबुन, चिप्स- बिस्किट तक रोजमर्रा की चीजें हो सकती है महंगी, जानें क्यों
अब इसके साथ ही पाम ऑयल का संकट भी गहराता नजर आ रहा है।
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बता दें कि, भारत दुनिया का सबसे बड़ा पाम ऑयल आयातक देश है और हर साल करीब 9.5 मिलियन टन पाम ऑयल का इस्तेमाल करता है। वहीं, देश में इसका उत्पादन 400,000 टन से भी कम होता है। सप्लाई प्रभावित होने से कीमतों में उछाल आ सकता है।इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। पाम ऑयल का इस्तेमाल सिर्फ खाने के तेल में ही नहीं, बल्कि साबुन, पैक्ड फूड, चिप्स, बिस्किट और कई रोजमर्रा की चीज़ों में होता है। ऐसे में आने वाले समय में इन उत्पादों की कीमतें बढ़ सकती हैं।
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Palm Oil Crisis In India: वहीं अगर पाम ऑयल महंगा हुआ तो असर हर घर पर दिखेगा रसोई का बजट बिगड़ेगा, बाजार की चीजें महंगी होंगी और जेब पर बोझ बढ़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक सप्लाई चेन में सुधार नहीं हुआ, तो महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है, जिससे आम जनता की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है।




