Ranchi Students Protest: दिल्ली के बाद अब रांची में छात्रों का आंदोलन, JPSC परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की मांग, 10 दिनों से कर रहे भूख हड़ताल
रांची। Ranchi Students Protest: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। 25 जुलाई से शुरू हुआ प्रदर्शन अब व्यापक जनसमर्थन हासिल कर चुका है। राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र जुटे हुए हैं और परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े हैं।
परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की मांग
आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं। उनका कहना है कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी के माध्यम से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा निरस्त कर निष्पक्ष तरीके से दोबारा आयोजित की जाए। साथ ही राज्य सरकार से नियमित भर्ती कैलेंडर जारी करने की मांग भी की जा रही है।
भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थी
आंदोलन के दौरान कई छात्र आमरण अनशन पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्षों की तैयारी के बाद भी यदि भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं तो युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है। उनका आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से अभ्यर्थियों का भरोसा कमजोर हुआ है।
दो हिस्सों में बंटा आंदोलन, मांग एक ही
हालांकि आंदोलन का नेतृत्व अलग-अलग समूहों के हाथ में है, लेकिन सभी की प्रमुख मांग एक ही है—परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और विवादित परीक्षा को रद्द कर नई परीक्षा आयोजित की जाए। छात्रों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का समर्थन करना नहीं, बल्कि अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ना है।
जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी
इधर, परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच सीआईडी कर रही है। जांच के दौरान परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। मामले में कई लोगों से पूछताछ की जा चुकी है और कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं। जांच एजेंसियां परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच में जुटी हैं।
सरकार से ठोस फैसले की उम्मीद
Ranchi Students Protest: प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि उन्हें योजनाओं से ज्यादा पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और रोजगार चाहिए। उनका मानना है कि समयबद्ध और निष्पक्ष परीक्षाएं ही युवाओं का भविष्य सुरक्षित कर सकती हैं। अब सभी की नजर राज्य सरकार के अगले कदम और जांच के नतीजों पर टिकी हुई है।



