Ujjain NSG Mock Drill: महाकाल मंदिर में आधी रात हाई अलर्ट, 100 से ज्यादा NSG कमांडो ने संभाला मोर्चा, ATS और पुलिस की टीमें भी रही शामिल
आधी रात को शुरू हुआ सुरक्षा अभ्यास
गुरुवार रात करीब 11 बजे महाकालेश्वर मंदिर परिसर में सुरक्षा एजेंसियों ने एक विशेष अभ्यास शुरू किया। काल्पनिक आतंकी हमले की स्थिति तैयार कर सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया और कार्रवाई की क्षमता का परीक्षण किया गया। अभ्यास के दौरान नीलकंठ द्वार और नंदी द्वार के आसपास के क्षेत्र को खाली कराया गया। इसके बाद संबंधित इलाके की लाइटें बंद कर दी गईं और NSG के ब्लैक कैट कमांडो हथियारों के साथ निर्धारित ऑपरेशन में जुट गए। पूरी कार्रवाई रात करीब 2 बजे तक चली।
महाकाल लोक से त्रिनेत्र कंट्रोल रूम तक चला ऑपरेशन
मॉक ड्रिल के दौरान NSG कमांडो महाकाल लोक के मानसरोवर क्षेत्र से त्रिनेत्र कंट्रोल रूम के बीच आगे बढ़े। इस अभ्यास में यह परखा गया कि किसी संभावित हमले की स्थिति में सुरक्षा एजेंसियां कितनी तेजी से कार्रवाई कर सकती हैं। इसके साथ ही खतरे को निष्क्रिय करने, श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और अलग-अलग सुरक्षा इकाइयों के बीच तालमेल की क्षमता का भी आकलन किया गया। अभ्यास का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था में संभावित कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने की तैयारी करना था।
ATS और स्थानीय पुलिस ने भी संभाली जिम्मेदारी
इस संयुक्त मॉक ड्रिल में 100 से अधिक NSG कमांडो के अलावा ATS, महाकाल थाना पुलिस, महाकाल लोक थाना पुलिस, जिला प्रशासन और मंदिर प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। अभ्यास के दौरान सभी एजेंसियों ने अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों के अनुरूप कार्रवाई की। आपात स्थिति में सुरक्षा बलों की त्वरित प्रतिक्रिया, आपसी समन्वय और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की तैयारियों को जांचा गया।
सिंहस्थ-2028 से पहले सुरक्षा की तैयारी
उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में महाकालेश्वर मंदिर और महाकाल लोक की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है।
मॉक ड्रिल में प्रवेश और निकास मार्गों, आपातकालीन रास्तों तथा संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को परखा गया। किसी अप्रत्याशित घटना के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की तैयारियों का भी परीक्षण किया गया।
अधिकारी बोले- सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना उद्देश्य
एडिशनल एसपी आलोक शर्मा के अनुसार, महाकालेश्वर मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ संयुक्त अभ्यास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस तरह के अभ्यास से यह आकलन किया जाता है कि किसी खतरे की स्थिति में अलग-अलग सुरक्षा इकाइयां कितनी तेजी से प्रतिक्रिया देती हैं और उनके बीच समन्वय कितना प्रभावी रहता है।
ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी रखी गई गोपनीय
मॉक ड्रिल के दौरान काल्पनिक आतंकियों की संख्या और सुरक्षित निकाले जाने वाले श्रद्धालुओं से जुड़े सवालों पर अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी साझा नहीं की। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के अभ्यास में संभावित सुरक्षा खतरों को ध्यान में रखकर अलग-अलग परिस्थितियां तैयार की जाती हैं और संबंधित एजेंसियां उनके अनुरूप कार्रवाई करती हैं।
2023 में भी हुआ था सुरक्षा अभ्यास
Ujjain NSG Mock Drill: महाकालेश्वर मंदिर में इससे पहले भी NSG की ओर से सुरक्षा अभ्यास किया जा चुका है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 26 सितंबर 2023 को मंदिर परिसर में आतंकी घटना से निपटने और रेस्क्यू ऑपरेशन का पूर्वाभ्यास किया गया था। गुरुवार देर रात आयोजित मॉक ड्रिल को सिंहस्थ-2028 से पहले सुरक्षा तैयारियों को परखने और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है



