Teachers Suspended: शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 5 साल की सजा पाने वाले प्रधान पाठक समेत 3 शिक्षक सस्पेंड, DEO ने जारी किया आदेश
अलग-अलग मामलों में नियमानुसार की गई कार्रवाई
अंबिकापुर। Teachers Suspended: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में शिक्षा विभाग ने अलग-अलग आपराधिक मामलों और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े प्रकरणों में तीन शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। निलंबित शिक्षकों में दो प्रधान पाठक और एक सहायक शिक्षक शामिल हैं। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
प्रधान पाठक को 5 साल की सजा के बाद कार्रवाई
पहला मामला विकासखंड उदयपुर के शासकीय प्राथमिक शाला पेंडरखी में पदस्थ प्रधान पाठक विजय कुमार यादव से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायालय, अंबिकापुर ने 3 जनवरी 2026 को उन्हें एक आपराधिक प्रकरण में दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्हें केंद्रीय जेल अंबिकापुर में रखा गया। उच्च न्यायालय में अपील के दौरान सशर्त जमानत मिलने पर 9 अक्टूबर 2026 को उन्हें रिहा किया गया। विभागीय आदेश में 3 जनवरी से 9 अक्टूबर 2026 तक की अवधि को प्रभावी निलंबन अवधि माना गया है।
वित्तीय अनियमितता और धोखाधड़ी के मामलों में दो अन्य शिक्षक निलंबित
दूसरी कार्रवाई प्रधान पाठक राजकुमार पैकरा के खिलाफ की गई है। उनके विरुद्ध मणिपुर थाने में वित्तीय अनियमितता और धोखाधड़ी से संबंधित मामला दर्ज है। उन्हें 20 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया था। न्यायिक अभिरक्षा में रहने के बाद 1 अक्टूबर को जमानत मिलने की जानकारी है। विभाग ने 20 जुलाई 2026 से प्रभावी निलंबन का आदेश जारी किया है।
वहीं, विकासखंड उदयपुर के शासकीय प्राथमिक शाला जरहाडीह में पदस्थ सहायक शिक्षक (एलबी) त्रिपाल टोप्पो को भी निलंबित किया गया है। उनके विरुद्ध भी मणिपुर थाने में वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित मामला दर्ज है। उन्हें 31 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया था और 6 अक्टूबर को जमानत मिली। विभाग ने 31 अगस्त 2026 से निलंबन प्रभावी किया है।
निलंबन अवधि के लिए मुख्यालय निर्धारित
Teachers Suspended: शिक्षा विभाग ने तीनों शिक्षकों के निलंबन आदेशों में संबंधित मुख्यालय निर्धारित किए हैं। नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिए जाने का प्रावधान भी रखा गया है। साथ ही, निलंबन अवधि के दौरान किसी अन्य सेवा, व्यवसाय या लाभकारी नियोजन में संलग्न नहीं होने संबंधी प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। इस कार्रवाई के बाद जिले के शिक्षा विभाग में हड़कंप है। विभागीय आदेशों के अनुसार, तीनों शिक्षकों के खिलाफ अलग-अलग मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की गई है।



