Jio IPO: मुकेश अंबानी के जियो प्लेटफॉर्म्स पर टूटे निवेशक, ₹2.5 लाख करोड़ की बोली से मचा बाजार में धमाल

भारत के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का बहुप्रतीक्षित IPO बाजार में उतरने से पूर्व ही चर्चा में आ गया है। कंपनी के शेयरों के लिए बड़े संस्थागत निवेशकों ने बेहद दिलचस्पी दिखाई है। जियो प्लेटफॉर्म्स की ₹8,110 करोड़ की एंकर बुक के लिए करीब ₹2.5 लाख करोड़ की मांग सामने आई है। यानी निवेशकों की ओर से मिली बोलियों का मूल्य एंकर बुक के आकार से 30 गुना से भी ज्यादा बताया जा रहा है।
21 अक्टूबर को खुलेगा जियो का IPO
जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO 21 अक्टूबर 2026 को खुलेगा और 23 अक्टूबर तक निवेशकों के लिए उपलब्ध रहेगा। कंपनी इस इश्यू के जरिए करीब ₹30,213 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इसके लिए शेयर का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 तय किया गया है।
इस इश्यू पर घरेलू और विदेशी निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं। मजबूत संस्थागत मांग ने बाजार में इस IPO को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है। हालांकि, एंकर निवेशकों की मांग को रिटेल निवेशकों के सब्सक्रिप्शन या शेयर की लिस्टिंग पर मुनाफे की गारंटी नहीं माना जा सकता।
ब्लैक रॉक से लेकर फिडेलिटी तक, दिग्गज निवेशकों की दिलचस्पी
जियो प्लेटफॉर्म्स की एंकर बुक में दुनिया की कई बड़ी निवेश कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है। इनमें ब्लैक रॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, टी. रो प्राइस, श्रोडर्स, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट, फ्रैंकलिन टेम्पलटन, इनवेस्को और जानस हेंडरसन जैसे नाम शामिल हैं।
इसके अलावा GIC, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA), कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (QIA) और नॉर्जेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट जैसे बड़े संस्थागत निवेशकों ने भी एंकर बुक में भागीदारी की है। इस प्रतिक्रिया को जियो के कारोबार और भविष्य की विकास संभावनाओं में निवेशकों की दिलचस्पी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
SBI, HDFC और LIC समेत घरेलू निवेशकों की नजर
जियो IPO को लेकर भारतीय संस्थागत निवेशकों में भी उत्साह बताया जा रहा है। SBI म्यूचुअल फंड, HDFC म्यूचुअल फंड, ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड, कोटक म्यूचुअल फंड और आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड जैसे प्रमुख नाम चर्चा में हैं।
बीमा और पेंशन क्षेत्र से LIC, HDFC लाइफ, SBI लाइफ तथा अन्य संस्थानों की भागीदारी भी निवेशकों के ध्यान का केंद्र बनी हुई है। विदेशी फंडों से लेकर घरेलू म्यूचुअल फंड तक की दिलचस्पी इस IPO को बाजार के प्रमुख इश्यू में शामिल कर रही है।
जियो के कारोबार पर क्यों लगा रहे हैं बड़ा दांव?
जियो प्लेटफॉर्म्स केवल मोबाइल टेलीकॉम कारोबार तक सीमित नहीं है। कंपनी की सेवाओं में डिजिटल प्लेटफॉर्म, ब्रॉडबैंड, क्लाउड, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी पहल भी शामिल हैं।
कंपनी के पास बड़े ग्राहक आधार और डिजिटल सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं हैं। यही वजह है कि निवेशक इसके भविष्य के कारोबार, कमाई बढ़ाने की क्षमता और तकनीकी सेवाओं में विस्तार पर नजर रख रहे हैं।
क्या IPO से लिस्टिंग पर होगा बड़ा मुनाफा?
जियो प्लेटफॉर्म्स की एंकर बुक में आई भारी मांग ने बाजार की उम्मीदें बढ़ाई हैं। लेकिन निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि संस्थागत मांग, ग्रे मार्केट प्रीमियम और शेयर बाजार में वास्तविक लिस्टिंग का प्रदर्शन अलग-अलग चीजें हैं।
शेयर की लिस्टिंग कीमत बाजार की परिस्थितियों, कंपनी के मूल्यांकन, निवेशकों की मांग और उस समय के कारोबारी माहौल पर निर्भर करेगी। इसलिए निवेश से पहले IPO के आधिकारिक दस्तावेज, वित्तीय आंकड़े, जोखिम और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी है।जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO ऐसे समय आ रहा है, जब बाजार की नजर बड़े सार्वजनिक निर्गमों पर है। अब देखना होगा कि संस्थागत निवेशकों के इस मजबूत शुरुआती रुझान का असर आम निवेशकों की भागीदारी पर कितना पड़ता है।




