L. Murugan Has Resigned: मोदी कैबिनेट के इस केंद्रीय मंत्री ने दिया इस्तीफा, राज्यसभा सदस्यता भी छोड़ी, पीएम मोदी को पत्र लिख कर बताई वजह
केंद्र में पांच साल काम करना बताया बड़ा सम्मान
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में एल. मुरुगन ने केंद्र सरकार में पांच वर्षों तक काम करने के अवसर को अपने जीवन का महत्वपूर्ण सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि अब वह उस संगठनात्मक काम की ओर लौटना चाहते हैं, जिसने उन्हें सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी थी। मुरुगन के अनुसार, तमिलनाडु में पार्टी की जमीनी पकड़ मजबूत करना और आगामी लोकसभा चुनाव के लिए संगठन को तैयार करना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कार्यकर्ताओं के बीच रहकर पार्टी का विस्तार करने की इच्छा भी जताई।
उन्होंने एक्स हैंडल में ट्वीट कर कहा कि,’ माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत माता और तमिलनाडु की सेवा करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। दिहाड़ी मजदूरों के बेटे के तौर पर शुरुआत करके माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिपरिषद में सेवा करने का अवसर मिलना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा है। अब, मैं ज़मीनी स्तर पर वापस लौटना चाहता हूँ, अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा होना चाहता हूँ और 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु में BJP को मज़बूत करने के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित करना चाहता हूँ। राष्ट्र सर्वोपरि। पार्टी उसके बाद। स्वयं सबसे अंत में।
It has been the greatest honour of my life to serve Bharat Mata and Tamil Nadu under the leadership of Hon’ble Prime Minister Shri @narendramodi Ji.
From the son of daily wage labourers to serving in the Union Council of Ministers under the leadership of Hon’ble PM Shri @narendramodi Ji has been the greatest privilege of my life.
Now, I wish to return to the grassroots, stand with our karyakartas and dedicate myself full-time to strengthening the BJP in Tamil Nadu ahead of the 2029 Lok Sabha elections.
Nation First. Party Next. Self Last. 🙏🇮🇳
@NitinNabin @blsanthosh
— Dr.L.Murugan (@DrLMurugan) October 13, 2026
दिहाड़ी मजदूर के परिवार से केंद्रीय मंत्री तक का सफर
अपने पत्र में मुरुगन ने पारिवारिक पृष्ठभूमि और राजनीतिक यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आते हैं। उनके माता-पिता दिहाड़ी मजदूरी करते थे और मवेशी चराने का काम भी करते थे। उनका परिवार आज भी तमिलनाडु के कोनूर गांव में साधारण जीवन जी रहा है।
उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने कभी कल्पना नहीं की थी कि उनका बेटा केंद्र सरकार में मंत्री बनेगा। मुरुगन ने अपनी राजनीतिक उपलब्धियों का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और BJP की उस कार्यशैली को दिया, जिसमें जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।
ABVP से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
एल. मुरुगन कॉलेज के दिनों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े थे। इसके बाद उन्होंने लंबे समय तक ABVP और BJP में संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने अपने कामकाज के मूल सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके लिए राष्ट्र पहले, पार्टी दूसरे और स्वयं सबसे आखिर में है।
मुरुगन राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में भी काम कर चुके हैं। वह दो बार राज्यसभा के सदस्य रहे हैं और पिछले पांच वर्षों से केंद्र सरकार में मंत्री के तौर पर विभिन्न जिम्मेदारियां संभालते रहे हैं। उनके कार्यक्षेत्र में सूचना एवं प्रसारण, संसदीय कार्य, मत्स्य पालन और पशुपालन से जुड़े विभाग शामिल रहे हैं।
तमिलनाडु में विकास कार्यों का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में मुरुगन ने तमिलनाडु में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी जिक्र किया। इनमें चेन्नई मेट्रो, तूतीकोरिन बंदरगाह का विस्तार, राष्ट्रीय राजमार्गों का विकास और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 26 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास जैसे कार्य शामिल हैं। उन्होंने तमिलनाडु से जुड़े मुद्दों, संकटग्रस्त क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भारतीय मछुआरों के कल्याण से संबंधित मामलों में प्रधानमंत्री के सहयोग का भी उल्लेख किया।
गांव-गांव जाकर संगठन मजबूत करने की योजना
मुरुगन ने कहा कि वह अब तमिलनाडु के गांवों और गलियों तक पहुंचकर लोगों से सीधे संवाद करना चाहते हैं। उनका लक्ष्य पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर संगठन का विस्तार करना और राज्य के अलग-अलग हिस्सों में BJP की मौजूदगी बढ़ाना है। उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ संदेश को लोगों तक पहुंचाने की बात कही। साथ ही, वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में तमिलनाडु से BJP की सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए पूरी ताकत से काम करने की इच्छा जताई।
इस्तीफे की स्वीकृति पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी
L. Murugan Has Resigned: एल. मुरुगन ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री के भरोसे को अपने जीवन का बड़ा सम्मान बताया और कहा कि वह जनता तथा पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच रहकर काम करना चाहते हैं। हालांकि, मंत्री पद से इस्तीफे और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने संबंधी प्रक्रिया की औपचारिक स्थिति की अलग से पुष्टि आवश्यक है। केवल पत्र लिखने या इस्तीफे की घोषणा से यह अपने आप साबित नहीं होता कि संबंधित इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। मुरुगन की आगे की राजनीतिक भूमिका और तमिलनाडु में BJP के संगठनात्मक अभियान को लेकर अब पार्टी के अगले कदमों पर नजर रहेगी।



