Ramgopal Agarwal Arrested: शराब घोटाला मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल गिरफ्तार
रायपुर। Ramgopal Agarwal Arrested: छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की जांच के बाद हुई है। अब ED उनसे कथित मनी ट्रेल और मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन को लेकर पूछताछ करेगी। गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड की मांग कर सकती है। ED के अधिवक्ता सौरभ पांडेय ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित शराब घोटाले से जुड़े पैसों का लेन-देन किस तरह हुआ और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।
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EOW की जांच के बाद ED की कार्रवाई
EOW की ओर से की जा रही जांच में रामगोपाल अग्रवाल से पहले भी पूछताछ की जा चुकी है। जांच एजेंसी के अनुसार, उन पर कथित शराब घोटाले के अलावा कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े पैसों के लेन-देन को मैनेज करने में भूमिका होने के आरोप हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया और जांच के बाद ही सामने आएगा। अब ED मामले में वित्तीय पहलुओं की पड़ताल कर रही है। एजेंसी की जांच का फोकस कथित तौर पर पैसों के स्रोत, लेन-देन और उससे जुड़े लोगों पर रहेगा।
तीन साल से थे फरार, जुलाई में किया था सरेंडर
रामगोपाल अग्रवाल करीब तीन वर्षों से जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच फरार बताए जा रहे थे। उन्होंने 8 जुलाई को EOW कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया था। इसके बाद मेडिकल जांच के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया। अदालत से शुरुआती तौर पर पुलिस रिमांड मंजूर हुई थी। बाद में रिमांड अवधि बढ़ाई गई और उन्हें EOW की हिरासत में रखा गया। अब ED ने उन्हें गिरफ्तार कर मामले की वित्तीय जांच को आगे बढ़ाया है।
शराब कारोबार में कथित अनियमितताओं की जांच
छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले की जांच में सरकारी शराब कारोबार से जुड़े कथित अनियमित लेन-देन, अवैध वसूली और राजस्व नुकसान जैसे आरोपों की पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसियों का दावा है कि शराब कारोबार से जुड़े एक कथित नेटवर्क के जरिए बड़ी रकम का लेन-देन किया गया। ED ने इस मामले में पहले भी कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। एजेंसी की जांच के आधार पर ACB/EOW में भी मामला दर्ज किया गया है।
डुप्लीकेट होलोग्राम से शराब बिक्री का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, वर्ष 2019 से 2022 के बीच सरकारी शराब दुकानों से कथित तौर पर डुप्लीकेट होलोग्राम लगी शराब की बिक्री का मामला सामने आया था। आरोप है कि इस प्रक्रिया से सरकारी राजस्व को बड़ा नुकसान पहुंचा। ED की जांच में तत्कालीन आबकारी विभाग से जुड़े अधिकारियों और कारोबारियों के बीच कथित गठजोड़ की भी जांच की गई है। एजेंसी ने अपनी जांच में कुछ अधिकारियों और कारोबारियों के नाम सामने आने का दावा किया है।
जांच के दायरे में बढ़ सकती है पूछताछ
Ramgopal Agarwal Arrested: रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद अब ED कथित वित्तीय लेन-देन और मनी ट्रेल को लेकर उनसे पूछताछ कर सकती है। अदालत में पेशी के दौरान एजेंसी की ओर से रिमांड मांगे जाने की संभावना है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। आने वाले दिनों में पूछताछ और जांच से कथित शराब घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन को लेकर और जानकारी सामने आने की संभावना है।




