[t4b-ticker]
Advertisement
उत्तराखंडट्रेंडिंग-न्यूज़देशबड़ी खबरब्रेकिंग न्यूज़

Flying Car: युवा इनोवेटर ने रचा इतिहास, बनाई खुद की ‘फ्लाइंग कार’, सोशल मीडिया में वायरल हुआ वीडियो

उत्तराखंड। Flying Car:  देश में स्वदेशी विमानन तकनीक को नई दिशा देने की कोशिशों के बीच उत्तराखंड के युवा नवप्रवर्तक रवि टम्टा ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ‘हपिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड’ के संस्थापक और सीईओ रवि टम्टा ने स्वदेशी तकनीक से तैयार किए गए व्यक्तिगत उड़ान वाहन ‘हपिडा स्काईनेक्स’ के प्रोटोटाइप का सफल फ्लाइट टेस्ट किया। मुख्यालय स्थित आर्मी हेलीपैड में हुए परीक्षण के दौरान वाहन ने जमीन से सफलतापूर्वक उड़ान भरी और करीब एक मिनट तक हवा में रहा। इस अनोखे परीक्षण को देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ भी जुट गई।

CG Teachers Transfer: बड़ी खबर…छत्तीसगढ़ में 700 शिक्षकों के तबादले, शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, देखें लिस्ट

कई वर्षों की मेहनत के बाद मिली सफलता

रवि टम्टा पिछले कई वर्षों से भारत में सुरक्षित, आधुनिक और पूरी तरह इलेक्ट्रिक व्यक्तिगत हवाई वाहन विकसित करने पर काम कर रहे हैं। लगातार शोध, डिजाइन में बदलाव और तकनीकी परीक्षणों के बाद तैयार किए गए प्रोटोटाइप ने अपने शुरुआती उड़ान परीक्षण में निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रदर्शन किया। इस सफल परीक्षण को परियोजना के विकास में एक महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। हालांकि, वाहन को व्यावसायिक या सार्वजनिक इस्तेमाल में लाने से पहले अभी कई तकनीकी और सुरक्षा परीक्षणों से गुजरना होगा।

शहरों से लेकर पहाड़ों तक बदल सकती है तस्वीर

व्यक्तिगत हवाई वाहनों की तकनीक भविष्य में परिवहन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसी तकनीक का इस्तेमाल भविष्य में भीड़भाड़ वाले शहरी क्षेत्रों में यात्रा के नए विकल्प उपलब्ध कराने के साथ-साथ दुर्गम पर्वतीय इलाकों में पहुंच आसान बनाने के लिए किया जा सकता है। आपदा या आपातकाल की स्थिति में भी ऐसे वाहनों की उपयोगिता बढ़ सकती है। खासतौर पर उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में कठिन भौगोलिक क्षेत्रों तक तेजी से पहुंचने की संभावनाएं इस तकनीक को और महत्वपूर्ण बनाती हैं।

भारत को तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य

रवि टम्टा का कहना है कि उनका लक्ष्य भारत में व्यक्तिगत हवाई परिवहन के लिए स्वदेशी तकनीक विकसित करना है। सफल परीक्षण के बाद अब वाहन की सुरक्षा, उड़ान क्षमता, स्थिरता और प्रदर्शन को और बेहतर करने के लिए आगे के परीक्षण किए जाएंगे। उनका प्रयास केवल एक फ्लाइंग व्हीकल तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत में भविष्य की हवाई परिवहन तकनीक के लिए एक मजबूत आधार तैयार करना है।

CG Transfer List: इस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 24 अधिकारियों के तबादले, जानें किसे कहां मिली नई जिम्मेदारी

पहले भी कई तकनीकी नवाचार कर चुके हैं रवि टम्टा

Flying Car: रवि टम्टा इससे पहले भी अलग-अलग क्षेत्रों में उपयोगी तकनीकी समाधान विकसित कर चुके हैं। उन्होंने वन विभाग के लिए अग्निशमन उपकरण और दिव्यांगजनों की सहायता के लिए विशेष छड़ी जैसे नवाचार भी किए हैं। ‘हपिडा स्काईनेक्स’ का सफल शुरुआती उड़ान परीक्षण उनके इसी नवाचार सफर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले परीक्षणों के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि यह स्वदेशी व्यक्तिगत हवाई वाहन भविष्य के परिवहन क्षेत्र में कितनी बड़ी भूमिका निभा पाता है।

 

Advertisement
Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close