Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर में पूरी तरह सुरक्षित है दान की गई चीजें, मंदिर ट्रस्ट ने दिखाई बहुमूल्य वस्तुएं
अयोध्या। Ram Mandir Donation Case: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को राम मंदिर परिसर में आयोजित की गई। करीब तीन घंटे चली इस बैठक के बाद ट्रस्ट ने मंदिर में चढ़ावे और दान में मिली बहुमूल्य वस्तुओं के गायब होने के आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सभी कीमती वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके रिकॉर्ड भी उपलब्ध हैं। बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने प्रेस वार्ता में कहा कि दान में प्राप्त किसी भी वस्तु के गायब होने या चोरी होने के आरोप तथ्यहीन हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के पास प्रत्येक वस्तु का विधिवत रिकॉर्ड मौजूद है और सभी सामान सुरक्षित रखा गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखा गई दान की वस्तुएं
विवाद के बीच ट्रस्ट ने उन बहुमूल्य वस्तुओं को मीडिया के सामने प्रस्तुत किया, जिनके गायब होने का दावा किया जा रहा था। इनमें सोने की परत चढ़ी रामचरितमानस, भगवान श्रीराम के चरण चिन्ह, स्वर्ण हार तथा अन्य धार्मिक धरोहरें शामिल थी। यह विवाद उस समय शुरू हुआ था जब पूर्व आईएएस अधिकारी एस. लक्ष्मीनारायणन ने आरोप लगाया कि उनके परिवार द्वारा वर्ष 2024 में दान की गई करोड़ों रुपये मूल्य की स्वर्णमंडित रामचरितमानस बाद में सार्वजनिक प्रदर्शन से हटा दी गई और उसकी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। ट्रस्ट ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सभी दान की गई वस्तुएं सुरक्षित हैं और उनका संरक्षण नियमानुसार किया जा रहा है।
जांच के लिए समिति का गठन
ट्रस्ट ने बताया कि पूरे मामले की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की गई है, जो उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इसके अलावा, विशेष जांच दल (SIT) की विस्तृत रिपोर्ट भी अगली बैठक में ट्रस्ट के समक्ष रखी जाएगी।
22 जुलाई को होगी अगली बैठक
ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को प्रस्तावित है। इस बैठक में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी। साथ ही प्रशासनिक नियुक्तियों, नए पदाधिकारियों और कुछ नए न्यासियों की नियुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी निर्णय लिया जाएगा। बैठक के दौरान ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए। उनकी जगह पूर्व भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
एसआईटी की प्रारंभिक जांच में रिकॉर्ड मिले सुरक्षित
विशेष जांच दल की प्रारंभिक रिपोर्ट में भी कई महत्वपूर्ण दान की गई वस्तुओं का रिकॉर्ड सुरक्षित मिलने की बात सामने आई है। जांच में वर्ष 2020 और उसके बाद ट्रस्ट को दान में मिली चांदी की ईंटों और अन्य बहुमूल्य धातुओं का पूरा विवरण अभिलेखों में दर्ज पाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा कारणों से कुछ चांदी की वस्तुओं को गलाकर अधिक सुरक्षित स्वरूप में संरक्षित करने के लिए अधिकृत सरकारी संस्था को भेजा गया था, जिसकी पूरी दस्तावेजी प्रक्रिया उपलब्ध है।
Ram Mandir Donation Case: इसी प्रकार वर्ष 2021 में दान की गई बड़ी मात्रा में चांदी की ईंटों को लेकर लगाए गए आरोपों की भी जांच की गई। एसआईटी को ट्रस्ट के रिकॉर्ड में इनका पूरा विवरण मिला और जांच में पुष्टि हुई कि संबंधित सामग्री ट्रस्ट की अभिरक्षा में सुरक्षित दर्ज है। फिलहाल ट्रस्ट का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि किसी स्तर पर किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बड़ी खबर!
राम मंदिर में पूरी तरह सुरक्षित हैं दान किए गए समान।
अयोध्या में जिन चीज़ों के चोरी होने की बात कही गई थी, वो मीटिंग के बाद प्रेस के लिए डिस्प्ले में रखी गईं।
इनमें सोने की रामचरितमानस, चांदी के कागभुशुंडी, चरणपादुका और हार पूरी तरह सुरक्षित है। pic.twitter.com/JdkxqpYvXj
— Panchjanya (@epanchjanya) July 6, 2026




