Chaturmas 2026: शुभ कार्यों में लगने वाली है रोक, 25 जुलाई से शुरू होगा चातुर्मास, योगनिद्रा में जाएंगे भगवान विष्णु
नई दिल्ली। Chaturmas 2026: विवाह की तैयारी कर रहे लोगों के लिए जुलाई का महीना बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस वर्ष जुलाई 2026 में शादी-विवाह के लिए केवल चार शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। इसके बाद 25 जुलाई से चातुर्मास आरंभ हो जाएगा, जिसके साथ ही विवाह समेत अधिकांश मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। इसी के साथ ही 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी भी है।
धार्मिक मान्यता है कि देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं। उनके विश्राम काल के दौरान विवाह, गृह प्रवेश, उपनयन संस्कार, यज्ञ और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। देवउठनी एकादशी पर भगवान के जागने के बाद पुनः सभी शुभ और मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है।
बता दें कि, हिंदू धर्म में विवाह को केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों के मिलन का पवित्र संस्कार माना जाता है। इसलिए शुभ ग्रह-नक्षत्रों और शुभ मुहूर्त में ही विवाह संपन्न करने की परंपरा रही है। हालांकि कुछ विशेष तिथियां, जैसे अक्षय तृतीया और भड़ली नवमी, ऐसी मानी जाती हैं जिनमें अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती।
जुलाई 2026 के विवाह के शुभ मुहूर्त
ज्योतिषीय गणना के अनुसार जुलाई में विवाह के लिए ये प्रमुख शुभ तिथियां उपलब्ध हैं
1 जुलाई (बुधवार): सुबह 6:51 बजे से शाम 4:04 बजे तक
6 जुलाई: तड़के 1:41 बजे से 7 जुलाई सुबह 5:29 बजे तक
7 जुलाई: सुबह 5:29 बजे से दोपहर 2:31 बजे तक
11 जुलाई: रात 12:05 बजे से 12 जुलाई सुबह 5:32 बजे तक
25 जुलाई से शुरू होगा चातुर्मास
इस वर्ष देवशयनी एकादशी के साथ 25 जुलाई से चातुर्मास का शुभारंभ होगा, जो 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी तक चलेगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस अवधि में भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं, इसलिए विवाह, गृहप्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते।
नवंबर में फिर शुरू होंगे विवाह मुहूर्त
चातुर्मास समाप्त होने के बाद नवंबर में एक बार फिर विवाह के शुभ मुहूर्त उपलब्ध होंगे। प्रमुख तिथियां इस प्रकार हैं
- 22 नवंबर: सुबह 6:44 बजे से रात 12:08 बजे तक
- 25 नवंबर: सुबह 6:47 बजे तक तथा रात 11:25 बजे तक शुभ समय
- 26 नवंबर: सुबह 6:47 बजे से 6:48 बजे तक तथा सुबह 6:48 बजे से शाम 5:47 बजे तक
- 29 नवंबर: सुबह 6:55 बजे से 10:59 बजे तक
Chaturmas 2026: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विवाह जैसे मांगलिक कार्य शुभ मुहूर्त में करने से दांपत्य जीवन सुखमय और मंगलमय रहने की कामना की जाती है। ऐसे में जिन परिवारों ने अभी तक शादी की तारीख तय नहीं की है, उनके लिए जुलाई के सीमित मुहूर्त और चातुर्मास की अवधि को ध्यान में रखना आवश्यक होगा।




