Tomato Prices Hike: गर्मी ने बिगाड़ा रसोई का स्वाद, आसमान छूने लगे टमाटर के दाम, 80 रुपए पार पहुंची कीमत
इंदौर। Tomato Prices Hike: भीषण गर्मी का असर अब आम लोगों की रसोई पर साफ दिखाई देने लगा है। टमाटर समेत कई हरी सब्जियों की कीमतों में अचानक उछाल आने से उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है। इंदौर में टमाटर का खुदरा भाव 80 रुपये प्रति किलो से ऊपर पहुंच गया है, जबकि व्यापारियों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
शहर की प्रमुख देवी अहिल्याबाई फल एवं सब्जी मंडी (चोइथराम मंडी) में टमाटर की थोक कीमतें 800 से 1000 रुपये प्रति कैरेट तक दर्ज की जा रही हैं। स्थानीय उत्पादन पूरी तरह समाप्त होने और राजस्थान से आवक घटने के कारण बाजार में टमाटर की उपलब्धता सीमित हो गई है। वहीं मंडी नाका टैक्स में बढ़ोतरी ने भी कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बनाया है। मध्य प्रदेश के बाजारों में टमाटर की आपूर्ति मुख्य रूप से महाराष्ट्र पर निर्भर है। व्यापारियों के अनुसार नई फसल आने में अभी लगभग तीन महीने का समय है। गणेश चतुर्थी के आसपास नई पैदावार बाजार में पहुंचने के बाद ही दामों में राहत मिलने की संभावना है।
उच्च गुणवत्ता वाला टमाटर सबसे महंगा
महाराष्ट्र के नारायणगांव और कलवन क्षेत्र से आने वाला उच्च गुणवत्ता वाला टमाटर सबसे महंगा बिक रहा है। मंडी में इसकी कीमत 800 से 1000 रुपये प्रति कैरेट तक पहुंच गई है। थोक बाजार में यह 50 से 60 रुपये किलो बिक रहा है, जबकि खुदरा बाजार में उपभोक्ताओं को 70 से 80 रुपये किलो तक कीमत चुकानी पड़ रही है। दूसरी ओर राजस्थान से आने वाला टमाटर अपेक्षाकृत सस्ता है, लेकिन इसकी आवक लगातार कम हो रही है। मंडी में इसका भाव करीब 400 रुपये प्रति कैरेट है, जबकि खुदरा बाजार में यह 60 रुपये किलो तक बिक रहा है।
बता दें कि, सिर्फ टमाटर ही नहीं, अन्य हरी सब्जियों की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। कुछ सप्ताह पहले तक 20 से 30 रुपये किलो मिलने वाली सब्जियां अब 40 से 70 रुपये किलो के दायरे में पहुंच गई हैं। व्यापारियों का कहना है कि मालवा, निमाड़, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात जैसे प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में अत्यधिक गर्मी के कारण फसल उत्पादन प्रभावित हुआ है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला कमजोर पड़ गई है।
Tomato Prices Hike: मंडी में बड़े मालवाहक वाहनों की संख्या भी घट गई है। अब अधिकांश सब्जियां छोटी पिकअप गाड़ियों के जरिए पहुंच रही हैं, जिससे बाजार में मांग और आपूर्ति के बीच असंतुलन और बढ़ गया है। इसके चलते आने वाले दिनों में सब्जियों की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।




