[t4b-ticker]
Advertisement
उत्तराखंडट्रेंडिंग-न्यूज़देशबड़ी खबरब्रेकिंग न्यूज़

Champawat Gang Rape: यहां नाबालिग से गैंग रेप, कमरे में इस हालत में मिली पीड़िता, BJP के पूर्व मंडल अध्यक्ष समेत 3 लोगों पर FIR दर्ज

चंपावत। Champawat Gang Rape: उत्तराखंड की राजनीति से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां चंपावत में 16 साल की नाबालिग से गैंगरेप के मामले में  तीन आरोपियों में से एक भाजपा का पूर्व मंडल उपाध्‍यक्ष भी है, जिस पर एफआईआर भी दर्ज किए गए हैं। इसके बाद से प्रदेश में घटना को लेकर सियासी उबाल भी देखने को मिल रहा है। 

Read More: Durg News: जिले में अवैध पनीर स्टोरेज का खुलासा, हॉस्टल की आड़ में चल रहा था कारोबार, 50 हजार का पनीर जब्त 

दरअसल, पूरा मामला 5 मई का है। उत्तराखंड के चंपावत जिले में पीड़िता के पिता अपनी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया गया था कि, वह अपनी बेटी के साथ चंपावत के एक अस्पताल आए हुए थे और पिता वापस अपने गांव लौट गया था, लेकिन बेटी अपनी के साथ शादी में जाने के लिए वहीं रूक गई थी। लेकिन काफी देर तक नहीं लौटने पर पिता ने बेटी को फोन किया तो उसका फोन स्वीच ऑफ आने लगा। जिसके बाद पिता ने पुलिस को सूचना दी और स्थानीय लोगों के साथ बेटी की तलाशी शुरु की तो बेटी अगले दिन सुबह के समय सहेली के गांव में एक कमरे में बंधी मिली।

वहीं जब नाबालिग से पूछताछ की गई तो उसने अपने साथ सामूहिक दुष्कर्म होने की बात कही और किसी को कुछ बताने पर जाने से मारने की धमकी भी दी है। इन आरोपियों में 20 वर्षीय विनोद सिंह रावत, 30 वर्षीय नवीन सिंह और 45 वर्षीय पूरन सिंह जो की बीजेपी का पूर्व मंडल अध्यक्ष और सल्ली गांव का प्रधान रह चुका है ये तीनों शामिल थे। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया और बीजेपी के पूर्व पदाधिकारी समेत तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।

Read More: Theft In Kawardha: जिले में चोरों का तांडव, एक ही रात में 6 घरों को बनाया निशाना, सोने-चांदी समेत लाखों का सामान लेकर फरार 

Champawat Gang Rape: इस घटना में भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय रीजनल पार्टी के अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। शिवप्रसाद सेमवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के नाम ऐसे मामलों में बार-बार सामने आ रहे हैं। तो वहीं आरोपियों के परिजनों ने राजनीतिक साजिश बताते हुए फंसाने की बात कही।

Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close