“चंदन और तिलक लगाकर ड्यूटी में न आए पुलिस ऑफिसर” DGP के आदेश के बाद प्रतिबंध पर उठे सवाल
बिहार। Chandan-Tilak Ban In Bihar Police: बिहार पुलिस में वर्दी से जुड़े नए निर्देशों को लेकर बहस तेज हो गई है। DGP विनय कुमार ने नया फरमान जारी किया है जिसमें कहा कि, ड्यूटी के दौरान किसी भी पुलिसकर्मी को चंदन तिलक या अन्य धार्मिक प्रतीकों के साथ वर्दी पहनने की अनुमति नहीं होगी। इसका उद्देश्य पुलिस बल की धर्मनिरपेक्ष और पेशेवर छवि को बनाए रखना बताया गया है।
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इन दिशानिर्देशों में यह भी कहा गया है कि महिला पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान अत्यधिक साज-सज्जा से बचें, ताकि कार्यस्थल पर अनुशासन और पेशेवर व्यवहार बना रहे। साथ ही, वर्दी के साथ टोपी और बेल्ट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना टोपी या बेल्ट के ड्यूटी करने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब DGP विनय कुमार के बयान सामने आए, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि, अगर कोई तिलक लगाता भी है, तो उसे कुछ ही समय बाद हटा देना चाहिए। इस बयान के बाद मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है।
इस बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने कड़ा विरोध जताया है। वरिष्ठ भाजपा नेता हरिभूषण ठाकुर बचौल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, अगर तिलक पर रोक लगाई जाती है, तो फिर अन्य धार्मिक पहचान जैसे बुर्का या दाढ़ी-मूंछ से जुड़े पहलुओं पर भी समान नियम लागू होने चाहिए। उन्होंने डीजीपी की मंशा पर सवाल उठाते हुए इस फैसले को पक्षपातपूर्ण बताया।
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Chandan-Tilak Ban In Bihar Police: दूसरी ओर, पुलिस मुख्यालय का कहना है कि यह निर्देश पूरी तरह से वर्दी की एकरूपता और बल की धर्मनिरपेक्ष छवि बनाए रखने के उद्देश्य से दिया गया है, न कि किसी विशेष धर्म को निशाना बनाने के लिए। इस मुद्दे ने अब प्रशासनिक नियमों और व्यक्तिगत/धार्मिक स्वतंत्रता के बीच संतुलन को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी है, जिसमें अलग-अलग पक्ष अपनी-अपनी दलीलें दे रहे हैं।




