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New Gas Pipeline: अब पानी की तरह घर-घर पाइपलाइन से पहुंचेगा गैस, जानें क्या है प्लानिंग और क्या होगा फायदा

हिमांशु पटेल/ रायपुर। New Gas Pipeline: शहर में जिस तरह से पानी की पाइप लाइनें बिछी हैं, उसी तरह से अब गैस पाइप बिछाने का काम शुरू होने वाला है। इस संबंध में डिप्टी सीएम अरुण साव ने जानकारी दी। इसके लिए जोन स्तर पर सर्वे कराने के बाद काम चालू होगा। शहर में यह काम कराने के लिए भारत पेट्रोलियम मंत्रालय ने हरियाणा सिटी गैस कंपनी को अधिकृत किया है।

निगम मुख्यालय में मंगलवार को आयुक्त विश्वदीप ने जल कार्य विभाग, नगर निवेश विभाग के इंजीनियरों के साथ ही एजेंसी के प्रतिनिधियों की बैठक ली।उन्होंने कहा कि गैस पाइप लाइन बिछाने का काम ऐसा होना चाहिए, जिससे कि पानी पाइप लाइन क्षतिग्रस्त न हो। यह भी तय हुआ कि जल्द ही भारत पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा अधिकृत हरियाणा सिटी गैस कंपनी कार्य प्रारंभ करने की तैयारी में है। राजधानी रायपुर में घर-घर पाइप लाइन से गैस कनेक्शन देने के लिए नेचुरल गैस पाइप लाइन डालने का काम आधुनिक तरीके से कराने पर जोर दिया गया है, ताकि गलियों और सड़कों की खुदाई कम से कम हो, जिस तरह से अंडरग्राउंड बिजली केबिलिंग का काम होता है, उसी तकनीक हाईड्रोलिक सिस्टम से जमीन के अंदर गैस की पाइप लाइन डालना है।

पश्चिमी देशों में युद्ध के हालत के चलते पाइप लाइन से गैस सप्लाई की हलचल तेज हुई है। परंतु वर्तमान में यह कार्य योजना प्रारंभिक दौर में है। संबंधित अधिकृत एजेंसी हरियाणा सिटी गैस एजेंसी को निर्देशित किया गया है कि रायपुर नगर निगम क्षेत्र में नेचुरल गैस पाइप लाइन डालने के पूर्व नियमानुसार नगर निगम से एनओसी लें एवं निर्धारित दर अनुसार शुल्क जमा कर कार्य कराए।

New Gas Pipeline: बैठक में अपर आयुक्त पंकज शर्मा, सभी जोन कमिश्नर, कार्यपालन अभियंता, कार्यपालन अभियंता नगर निवेश आशुतोष सिंह, सहायक अभियंता नगर निवेश नितीश झा, उपअभियंता नगर निवेश रविप्रभात साहू, हरियाणा सिटी गैस एजेंसी के प्रतिनिधि राकेश रंजन मौजूद रहे।

लोगों को क्या फायदा होगा?

सिलेंडर से छुटकारा।

अब गैस खत्म होने पर सिलेंडर बुकिंग और इंतजार की जरूरत नहीं होगी।

24×7 गैस सप्लाई।

पानी की तरह लगातार गैस मिलेगी।

सस्ती और सुरक्षित पाइप लाइन गैस आमतौर पर LPG से सस्ती होती है। लीकेज कंट्रोल और मॉनिटरिंग सिस्टम ज्यादा सुरक्षित होते हैं।

प्रदूषण में कमी।

कैसे बिछेगा गैस का नेटवर्क?

शहर की सड़कों के नीचे पाइपलाइन का जाल बिछाया जाएगा।

मुख्य गैस पाइपलाइन (जैसे मुंबई–नागपुर–झारसुगुड़ा लाइन) से गैस लाई जाएगी।

फिर छोटी-छोटी पाइपलाइन के जरिए कॉलोनियों और घरों तक सप्लाई होगी।

यानी जैसे पानी की लाइन हर घर तक जाती है, उसी तरह गैस भी सीधे किचन तक पहुंचेगी।

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