डेडलाइन से पहले ही खत्म होता नजर आ रहा नक्सलवाद, बीजापुर में 41 इनामी नक्सलियों ने किया सरेंडर
बीजापुर। Bijapur Naxal Surrender: केंद्री गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे की जो डेडलाइन तय की है उससे पहले ही अब नक्सलवाद खत्म होता नजर आ रहा है। एनकाउंटर के खौफ से नक्सलियों में एक डर का माहौल बन गया है और अब तक सैकड़ों नक्सली सरेंडर कर चुके हैं। वहीं इस बीच बीजापुर से कुल 41 माओवादियों ने समर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
बता दें कि, राज्य शासन की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति, तथा शांति, संवाद एवं विकास पर आधारित सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप आज 41 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। जिसमें 01 करोड़ 19 लाख के 12 महिला कैडर और 29 पुरुष कैडर शामिल हैं। जिन्होंने सशस्त्र और हिंसक विचारधारा से खुद को अलग कर शांति और प्रगति के मार्ग को अपनाया है।
साउथ सब जोनल ब्यूरो के माओवादी भी शामिल
इन 41 कैडरों में पीएलजीए बटालियन न.01 एवं अलग- अलग कंपनी के 05 सदस्य, एसीएम -03, प्लाटून एवं एरिया कमेटी पार्टी सदस्य- 11, पीएलजीए सदस्य -02, मिलिशिया प्लाटून कमाण्डर- 04, मिलिशिया प्लाटून डिप्टी कमांडर – 01, मिलिशिया प्लाटून सदस्य-06 अलग-अलग आरपीसी के जनताना सरकार अध्यक्ष/उपाध्यक्ष/सदस्य, DAKMS, KAMS अध्यक्ष/सदस्य -09 सदस्य शामिल हैं, जिन्होंने हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया है। इसमें साउथ सब जोनल ब्यूरो के 39 माओवादी शामिल है। वहीं पुनर्वास में शामिल होने वालों में DKSZC के अलावा तेलंगाना स्टेट कमेटी,धमतरी- गरियाबंद- नुआपाड डिवीजन के माओवादी भी शामिल है ।
50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी
राज्य शासन द्वारा अपनाई गई व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति ने दक्षिण बस्तर क्षेत्र में स्थायी शांति की मजबूत नींव स्थापित की है। पुलिस, सुरक्षा बलों, स्थानीय प्रशासन,सामाजिक संगठनों और क्षेत्र के जागरूक नागरिकों के सामूहिक एवं समन्वित प्रयासों से हिंसा और भय की संस्कृति को संवाद और विकास की संस्कृति में बदलने में बड़ी सफलता मिली है। मुख्यधारा में लौटने वाले प्रमुख माओवादी कैडरों ने भारतीय संविधान में आस्था व्यक्त करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में सम्मानजनक एवं सुरक्षित जीवन जीने का संकल्प लिया है।पुनर्वास प्रक्रिया के तहत प्रत्येक कैडर को प्रोत्साहन स्वरूप 50,000 रुपये की तत्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
माओवादियों को आकर्षित कर रही सरकार की पुनर्वास नीति
Bijapur Naxal Surrender: बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने माओवादियों से अपील करते हुए कहा की छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति माओवादियों को आकर्षित कर रही है। आत्मसमर्पण करने वालों के परिजन भी चाहते हैं कि वे सामान्य जीवन जियें और समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें। उन्होंने आगे कहा माओवादी भ्रामक और हिंसक विचारधाराओं को त्यागकर निर्भय होकर समाज की मुख्यधारा में लौटें। शासन की ‘पूना मारगेम’ नीति उनके भविष्य को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्वावलंबी बनाने के लिए हर संभव सुविधा प्रदान कर रही है। वहीं बताया गया कि, बीजापुर में 1 जनवरी 2024 से अब तक 790 माओवादी मुख्यधारा में शामिल हुए और करीब 1031 माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं। जबकि, 202 माओवादी अलग- अलग मुठभेड़ में मारे गये।




