मणिपुर में पीएम मोदी : शांति, विकास और भरोसे की नई सुबह
चुराचांदपुर से इंफाल तक – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8,500 करोड़ की सौगात दी, हिंसा पीड़ितों से मिले, विकास और संवाद को दी नई दिशा

इंफाल : दो साल से अधिक समय तक चले जातीय हिंसा और टकराव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 सितंबर को मणिपुर पहुंचे। उनका पहला पड़ाव चुराचांदपुर रहा, जो संघर्ष से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में गिना जाता है। यहां प्रधानमंत्री ने राहत शिविरों में रह रहे पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और 7,300 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। भारी बारिश के बावजूद उन्होंने सड़क मार्ग से यात्रा करने का निर्णय लिया ताकि रास्ते में आम लोगों से संवाद हो सके। स्थानीय जनता ने उनका जोरदार स्वागत किया। पीएम ने कहा, “मणिपुर के लोगों के जज्बे को सलाम, आप सब शांति और भाईचारे की मिसाल हैं।”
8,500 करोड़ की विकास परियोजनाएं

पीस ग्राउंड में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री ने मणिपुर के लिए 8,500 करोड़ रुपये की 31 विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इसमें शहरी सड़कों का विस्तार, जल निकासी सुधार, महिला छात्रावास, 5 राष्ट्रीय राजमार्ग और स्वास्थ्य व शिक्षा से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
चुराचांदपुर (कुकी बहुल क्षेत्र) को 7,300 करोड़ और इंफाल (मैतेई बहुल क्षेत्र) को 1,200 करोड़ रुपये की योजनाओं का लाभ दिया गया। इसे दोनों समुदायों को जोड़ने का प्रतीकात्मक संदेश माना जा रहा है।
हिंसा पीड़ितों से संवेदनशील मुलाकात
पीएम मोदी ने 2023 की जातीय हिंसा के पीड़ित विस्थापित परिवारों से भी मुलाकात की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि 7,000 नए घर बनाए जाएंगे और 500 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज हिंसा-प्रभावित परिवारों को मिलेगा। उन्होंने कहा, “शांति को ताकत दी जाए, आपसी संवाद और सम्मान से ही मणिपुर का भविष्य सुरक्षित होगा।”
राजनीतिक और सामाजिक संदेश
यह दौरा खास इसलिए भी रहा क्योंकि 2023 की हिंसा के बाद प्रधानमंत्री पहली बार मणिपुर पहुंचे। राज्यसभा सांसद लेइशेम्बा सनाजाओबा ने इसे ऐतिहासिक अवसर बताया और कहा कि “कठिन समय में प्रधानमंत्री की मौजूदगी शांति का नया अध्याय खोलेगी।”
सुरक्षा को लेकर चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे। इंफाल और चुराचांदपुर दोनों जगह केंद्रीय व राज्य बल तैनात रहे।
शांति और विकास का वादा
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में साफ कहा कि केंद्र सरकार हर पीड़ित और विस्थापित तक मदद पहुंचाएगी। उन्होंने समुदायों के नेताओं से अपील की कि वे संवाद को प्राथमिकता दें और शांति के रास्ते पर आगे बढ़ें।
प्रधानमंत्री का यह दौरा मणिपुर के लिए नई उम्मीद लेकर आया है—जहां विकास की सौगातें और शांति का पैगाम साथ-साथ दिए गए। अब नजर इस पर होगी कि ये घोषणाएं कितनी जल्दी धरातल पर उतरती हैं और राज्य को स्थायी समाधान की ओर ले जाती हैं।




