बिहार कैबिनेट की बैठक : ग्राम कचहरी सचिव और होमगार्ड को तोहफा
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में 49 प्रस्तावों को मंजूरी, युवाओं के लिए नई नौकरियों से लेकर पुल-पथ और खेल अधोसंरचना तक पर जोर।
पटना : बिहार में विधानसभा चुनाव की आहट के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ग्राम कचहरी सचिवों और होमगार्डों को बड़ा तोहफा दिया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने ग्राम कचहरी सचिवों का मानदेय ₹6,000 से बढ़ाकर ₹9,000 कर दिया। वहीं, गृह रक्षा वाहिनी के होमगार्डों का दैनिक भत्ता भी ₹774 से बढ़ाकर ₹1,121 कर दिया गया।
नीतीश सरकार के इस कदम को चुनाव से पहले कर्मचारियों और निचले स्तर पर संगठन को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। बैठक में कुल 49 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें शिक्षा, सड़क, पुल, स्वास्थ्य और खेल अवसंरचना जैसे बड़े फैसले भी शामिल हैं।
शिक्षा और कल्याण क्षेत्र पर जोर
अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग को सशक्त बनाने के लिए 40 नए आवासीय विद्यालयों में 10+2 स्तर तक पढ़ाई की व्यवस्था होगी। इसके लिए 1800 शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।
गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर में डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय के निर्माण के लिए ₹65.80 करोड़ की स्वीकृति दी गई। वहीं, ओबीसी कल्याण विभाग ने पीएम-यशस्वी योजना के तहत पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति और प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं को मंजूरी दी, जिन पर क्रमशः ₹231.67 करोड़ और ₹55.50 करोड़ का वार्षिक खर्च होगा। पटना के बिहटा में 520 सीटों वाला ओबीसी कन्या आवासीय विद्यालय और सारण जिले में एक अन्य विद्यालय के लिए क्रमशः ₹58.07 करोड़ और ₹61.20 करोड़ की मंजूरी मिली। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के तहत दो नई शाखाएं (सांस्कृतिक कार्यक्रम और लेखा एवं बजट) बनाई जाएंगी और इसके लिए 25 नए पदों की स्वीकृति दी गई।
सड़क और पुल निर्माण में बड़ी मंजूरियां
बैठक में राज्य के सड़क नेटवर्क और पुल निर्माण पर भी भारी खर्च को हरी झंडी मिली। पटना में बन रहे जेपी गंगा पथ के लिए ₹4119.06 करोड़ की तृतीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इसके अलावा एशियन डेवलपमेंट बैंक समर्थित BSHP-III (Phase-2) के तहत मानसी-सहरसा-हरदी-चौधरा सड़क (राज्य उच्च पथ संख्या-95) के दो खंडों के उन्नयन और सुदृढ़ीकरण के लिए ₹765.86 करोड़ और ₹213.55 करोड़ की मंजूरी दी गई। मुजफ्फरपुर जिले में गंडक नदी पर फतेहाबाद-चंचलिया पुल और पहुंच मार्ग के लिए ₹589.04 करोड़ स्वीकृत किए गए। वहीं लखीसराय जिले में किउल नदी पर उच्चस्तरीय आरसीसी पुल बनाने के लिए ₹35.48 करोड़ की मंजूरी दी गई।
खेल और विज्ञान क्षेत्र में निवेश
पटना प्रमंडल मुख्यालय में खेल अवसंरचना तैयार करने के लिए पुनपुन के डुमरी गांव में 100 एकड़ भूमि अधिग्रहण की स्वीकृति दी गई। इसके लिए ₹574.33 करोड़ खर्च होंगे। राजगीर में बन रहे राज्य खेल अकादमी-सह-अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का संचालन और रखरखाव अब बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) को सौंपने का निर्णय हुआ। इसी तरह, पटना स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम साइंस सिटी के शेष तीन गैलरी और एट्रियम में प्रदर्श अधिष्ठापन का कार्य नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम्स, कोलकाता को सौंपा गया।
रोजगार और मानदेय में बढ़ोतरी
बैठक में युवाओं के लिए रोजगार सृजन के साथ ही कई सरकारी कर्मियों के मानदेय बढ़ाए गए। ग्राम कचहरी सचिवों का मासिक मानदेय ₹6,000 से बढ़ाकर ₹9,000 कर दिया गया। तकनीकी सहायक और लेखापाल-सह-आईटी सहायकों का मानदेय भी बढ़ाया गया। गृह रक्षा वाहिनी के गृह रक्षकों का भत्ता ₹774 से बढ़ाकर ₹1,121 प्रतिदिन कर दिया गया एटीएस (ATS) में तैनात पुलिस कर्मियों को मूल वेतन का 30% जोखिम भत्ता मिलेगा (अधिकतम ₹25,000 तक)। गृह विभाग ने अभियोजन संवर्ग को मजबूत करने के लिए 760 नए पदों और “मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो” के गठन के लिए 88 नए पदों को मंजूरी दी।
प्रशासनिक और नीतिगत सुधार
बैठक में कई नियमों और नीतियों में संशोधन किए गए।
‘बिहार जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (द्वितीय संशोधन) नियमावली, 2025’
‘बिहार राजस्व कर्मचारी संवर्ग नियमावली, 2025’
‘बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति (द्वितीय संशोधन) नियमावली, 2025’
इसके साथ ही औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई नीति लागू होने तक औद्योगिक इकाइयों को स्टाम्प शुल्क और निबंधन शुल्क में छूट दी जाएगी। चिकित्सा क्षेत्र में इंटर्नशिप कर रहे छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति में भी बढ़ोतरी की गई है।
विकास की रफ्तार तेज करने की तैयारी
बिहार सरकार का दावा है कि इन फैसलों से शिक्षा और खेल के क्षेत्र में अवसर बढ़ेंगे, सड़क और पुल निर्माण से कनेक्टिविटी सुधरेगी, और मानदेय में बढ़ोतरी से कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलेगी। साथ ही, नई औद्योगिक नीति से निवेश को गति मिलेगी। मंत्रिपरिषद की यह बैठक राज्य में आने वाले वर्षों के लिए “युवा सशक्तिकरण और विकास की नींव” रखने वाली मानी जा रही है।




