
पटना: बिहार सरकार ने राज्य को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP) 2025 को मंजूरी दी गई. इसके साथ ही 2500 करोड़ रुपये से अधिक की 26 परियोजनाओं को हरी झंडी मिली. यह पैकेज उद्योग, रोजगार, पर्यटन और ग्रामीण विकास को नई दिशा देगा.
BIIPP 2025: निवेशकों के लिए ‘संजीवनी’
मुफ्त जमीन का तोहफा: 100 करोड़ से अधिक निवेश करने वाली इकाइयों को 10 एकड़ और 1000 करोड़ से ज्यादा निवेश पर 25 एकड़ जमीन मुफ्त. फॉर्च्यून 500 कंपनियों को भी 10 एकड़ फ्री जमीन.
वित्तीय राहत: 40 करोड़ तक ब्याज सब्सिडी, 30% पूंजीगत सब्सिडी, 300% SGST रिफंड और 14 साल तक निर्यात प्रोत्साहन.
हाई-टेक फोकस: आईटी और फिनटेक सिटी को विशेष प्रोत्साहन. फतुहा में 242 एकड़ में 408.81 करोड़ की लागत से फिनटेक सिटी बनेगी.
पर्यावरण और कौशल: नवीकरणीय ऊर्जा, कौशल विकास, स्टैम्प ड्यूटी और भूमि रूपांतरण शुल्क में छूट. निजी औद्योगिक पार्कों को सहायता.l
कैबिनेट के बड़े फैसले
किसान सलाहकारों को राहत: 7047 किसान सलाहकारों का मानदेय 13,000 से बढ़ाकर 21,000 रुपये, 1 अप्रैल 2025 से लागू.
वैशाली में 5 स्टार होटल: पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पीपीपी मॉडल पर 10 एकड़ में होटल/रिसॉर्ट को मंजूरी.
जमीन हस्तांतरण: गया में खेल विभाग को 15 एकड़, सारण में डेयरी प्लांट के लिए 15.5 एकड़ और पटना में मेट्रो स्टेशन के लिए जमीन मुफ्त.
हवाई कनेक्टिविटी: नए अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्ग के लिए नई नीति को हरी झंडी.
दिव्यांगों के लिए योजना: व्यवसाय से जोड़ने के लिए नई स्कीम शुरू.
सरकारी कर्मचारियों को बूस्ट: जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं का कमीशन बढ़ा, विभिन्न विभागों में नए पद सृजित.
बिहार के लिए गेम-चेंजर
BIIPP 2025 से बिहार में बड़े पैमाने पर निवेश की उम्मीद है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा. फिनटेक सिटी और 5 स्टार होटल जैसे प्रोजेक्ट्स बिहार को आधुनिक औद्योगिक और पर्यटन हब बनाने में मदद करेंगे. पर्यावरण संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर सतत विकास की दिशा में बड़ा कदम है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, “यह पैकेज बिहार को विकास के नए रास्ते पर ले जाएगा और युवाओं का भविष्य उज्ज्वल करेगा. उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि मुफ्त जमीन और वित्तीय छूट से बिहार निवेशकों के लिए आकर्षक डेस्टिनेशन बनेगा. हालांकि, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशासनिक सुधारों पर भी ध्यान देना होगा ताकि ये योजनाएं जमीनी हकीकत बन सकें.




