
कोलंबो। श्रीलंका के आम चुनावों में राजपक्षे परिवार की श्रीलंका पीपुल्स पार्टी (एसएलपीपी) ने जबर्दस्त जीत हासिल की है। उसे 225 सीटों में से 145 पर जीत मिली है। सहयोगी दलों के साथ उसने कुल 150 सीटों पर कब्जा किया है। इन नतीजों के बाद अब महिंदा राजपक्षे पीएम बने रहेंगे। एसएलीपीपी को चीन समर्थक और भारत विरोधी माना जाता है। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रुझानों में बढ़त देखते ही गुरुवार को फोन करके महिंदा राजपक्षे को शुभकामना दी।
श्रीलंका में बुधवार को चुनाव हुए थे। गुरुवार को काउंटिंग शुरू हुई थी। शुक्रवार सुबह आधिकारिक तौर पर नतीजों का ऐलान किया गया। महिंदा राजपक्षे की पार्टी 9 महीने पहले राष्ट्रपति चुनाव भी जीती थी। इसके बाद उनके छोटे भाई गोतबाया राजपक्षे ने 18 नवंबर को राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी।
संसदीय चुनाव में रानिल विक्रमसिंघे पहली बार हारे
पूर्व प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे की यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) को सिर्फ एक सीट मिली। वह पांचवे नंबर पर रही। खुद विक्रमसिंघे हार गए। 1977 के बाद पहली बार उन्हें संसदीय चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। सजिथ प्रेमदासा की एसजेपी 55 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही। तमिल पार्टी टीएनए को 10, जबकि मार्क्सवादी जेवीपी को 3 सीटें मिली हैं।



