PM Awas Yojana: पीएम आवास के आंकड़ों पर घमासान, विजय शर्मा का दावा- 11 लाख से ज्यादा मकान पूरे, तो भूपेश बघेल ने दी चुनौती
रायपुर। PM Awas Yojana: छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर सियासी बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दावा किया है कि प्रदेश में साय सरकार के कार्यकाल के दौरान अब तक 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूरा कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने पर है।
विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर जरूरतमंद परिवार को पक्का मकान उपलब्ध कराने के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि संसद में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े सवाल के जवाब में केंद्र सरकार की ओर से दिए गए आंकड़ों ने राज्य सरकार के दावों की पुष्टि की है।
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पीएम आवास पर भूपेश बघेल को विजय शर्मा की चुनौती
उपमुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए कहा कि वे प्रधानमंत्री आवास योजना के आंकड़ों को लेकर भ्रम पैदा कर रहे हैं। शर्मा ने आरोप लगाया कि बघेल राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय यदि अपने कार्यकाल में गरीब परिवारों के आवास पर गंभीरता से काम करते, तो कई जरूरतमंद परिवार पक्के मकान से वंचित नहीं होते। विजय शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे प्रधानमंत्री आवास योजना के मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं, तो सरकार किसी भी मंच पर जवाब देने के लिए तैयार है।
पहली कैबिनेट में लिया गया था 18 लाख आवास का संकल्प
उपमुख्यमंत्री के मुताबिक, साय सरकार के गठन के बाद हुई पहली कैबिनेट बैठक में ही प्रदेश के पात्र परिवारों के लिए 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने और उनके निर्माण का संकल्प लिया गया था। इसके बाद सरकार ने आवास निर्माण को प्राथमिकता देते हुए पुराने और नए वित्तीय वर्षों में स्वीकृत मकानों के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराई। सरकार का दावा है कि लंबित आवासों को भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर निर्माण पूरा कराया जा रहा है, ताकि पात्र हितग्राहियों को जल्द से जल्द पक्के मकान का लाभ मिल सके।
पिछले वित्तीय वर्ष में 5.92 लाख से अधिक आवास पूरे
विजय शर्मा ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में प्रदेश में 5 लाख 92 हजार से ज्यादा प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूरा हुआ। उनके मुताबिक यह देश में किसी राज्य द्वारा एक वित्तीय वर्ष में पूर्ण किए गए आवासों में सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। आवास निर्माण की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। विभागीय अधिकारियों को निर्माणाधीन मकानों को समय सीमा के भीतर पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
2011 और 2018 की पात्रता सूची के सभी पात्र आवास स्वीकृत
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2011 और 2018 की पात्रता सूची में पात्र पाए गए सभी आवासों को स्वीकृति दी जा चुकी है। सरकार के अनुसार, कुल स्वीकृत आवासों में से अब तक 20 लाख 40 हजार मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि करीब 4 लाख आवास अभी निर्माणाधीन हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सिर्फ आवासों की मंजूरी तक सीमित नहीं है। पात्र परिवारों को जल्द से जल्द उनके नए पक्के घर का लाभ मिले, इसके लिए निर्माण की गति बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
पुराने लंबित आवास भी कराए जा रहे पूरे
विजय शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पूरे हुए 11 लाख से अधिक आवासों में केवल नए स्वीकृत मकान ही शामिल नहीं हैं। पहले के वित्तीय वर्षों में स्वीकृत लेकिन विभिन्न कारणों से अधूरे रह गए आवासों को भी आवश्यक राशि उपलब्ध कराकर पूरा कराया गया है।
उन्होंने कहा कि पुराने और नए स्वीकृत आवासों को मिलाकर पिछले करीब ढाई वर्षों में 11 लाख से ज्यादा मकानों का निर्माण पूरा कराया गया है। सरकार का दावा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए प्रदेश के गरीब परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
PM Awas Yojana: वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के आरोपों पर कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा, “वे लिखित में झूठ बोलते हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 18.5 लाख घरों को मंजूरी दी गई है। लेकिन संसद में आंकड़े क्या हैं?… आप मेरे पिछले बयान देख सकते हैं, 11 लाख घर पहले ही बन चुके हैं… बिलासपुर में हुए कार्यक्रम में 7 लाख घरों को मंजूरी दी गई और पहली किस्त वितरित की गई… मुख्यमंत्री आवास के तहत 45,000 घरों के साथ, हमारे कार्यकाल में लगभग 18.45 लाख घरों को मंजूरी दी गई… उन्हें बताना चाहिए कि उन्होंने कितने घरों को मंजूरी दी और कितने पूरे किए… मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि वे समय और स्थान तय करें, और मैं सभी तथ्यात्मक आंकड़े प्रस्तुत करूंगा।”




