‘घड़ियाली आंसू बहाने से कुछ नहीं होगा’, नकटी गांव विवाद पर मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का कांग्रेस पर हमला
रायपुर। Shyam Bihari Jaiswal On Congress: नकटी गांव में विधायक कॉलोनी निर्माण को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस नेताओं को प्रभावित ग्रामीणों से इतनी ही हमदर्दी है तो उन्हें स्वयं विधायक कॉलोनी के लिए आवंटित जमीन लेने से इनकार कर देना चाहिए। मंत्री जायसवाल ने कहा कि, कांग्रेस के सभी विधायकों को सामूहिक रूप से लिखित रूप में यह घोषणा करनी चाहिए कि वे उस जमीन का आवंटन स्वीकार नहीं करेंगे। केवल राजनीतिक बयानबाजी और घड़ियाली आंसू बहाने से प्रभावित लोगों का भला नहीं होने वाला।
उन्होंने कहा कि, विधायक कॉलोनी के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही शुरू हुई थी और उसी समय जमीन आरक्षित की गई थी। पिछले तीन महीनों से पूरी प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन तब कांग्रेस के नेता सामने नहीं आए। अब कार्रवाई होने के बाद राजनीतिक लाभ लेने के लिए विरोध किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल राजनीतिक माइलेज हासिल करने के उद्देश्य से इस मुद्दे को उछाल रही है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में गरीबों के हितैषी होती तो अपने शासनकाल में भूमिहीनों को पट्टे वितरित करती। अब “सांप निकल जाने के बाद लाठी पीटने” जैसी राजनीति की जा रही है।
चिंतन शिविर से मिलेगा सुशासन को बल
भाजपा के चिंतन शिविर को लेकर मंत्री जायसवाल ने कहा कि ऐसे आयोजनों से जनहित की योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने की दिशा मिलती है। विभिन्न विषयों पर चर्चा और अनुभव साझा होने से सुशासन को मजबूत बनाने में मदद मिलती है और शासन की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी बनती है।
भाजपा कार्यकर्ताओं को डिजिटल रूप से किया जा रहा सशक्त
Shyam Bihari Jaiswal On Congress: भाजपा संगठन में डिजिटल सशक्तिकरण को लेकर मंत्री ने कहा कि समय तेजी से बदल रहा है और कार्यकर्ताओं को भी तकनीक के साथ आगे बढ़ना होगा। बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को डिजिटल माध्यमों से जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है, ताकि वे सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रभावी ढंग से आम जनता तक पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक हर योजना का लाभ पहुंचाना है और इसके लिए तकनीक आधारित संगठनात्मक व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है।




