
हिमांशु/रायपुर से बड़ी खबर सामने आई है, राजधानी के तेलीबांधा स्थित बेबीलॉन टावर में रात 9 बजे अचानक आग लग गई। जानकारी के अनुसार आग टावर के तीसरे माले पर लगी थी, जिसने देखते ही देखते तेजी से ऊपर के फ्लोर्स को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने के कारण तीसरे माले की खिड़कियों और कांच की खिड़कियों के टूटकर नीचे गिरने की खबर है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी गई। मौके पर दमकल की दो गाड़ियां पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
टावर सात मंजिला है और इसमें ऊपर के फ्लोर्स पर रेस्टोरेंट और ऑफिस संचालित होते हैं। आग लगने के समय बड़ी संख्या में लोग रेस्टोरेंट में मौजूद थे। टावर पूरी तरह से पैक होने की वजह से धुएं के कारण घुटन की स्थिति बन गई थी। इस वजह से कई लोग ऊपर के फ्लोर्स में फंसे रह गए। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत बिजली सप्लाई बंद करवाई और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास जारी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग अचानक फैलने लगी और कुछ ही समय में तीसरे माले से ऊपर तक धुआं भर गया। घबराए लोग खिड़कियों और बालकनी की ओर दौड़े। कई लोग मदद के लिए शोर मचाते हुए दिखे। आग बुझाने के लिए दमकलकर्मी लगातार मशक्कत करते रहे और पुलिस बल ने मौके पर भीड़ को नियंत्रित किया ताकि रेस्क्यू में बाधा न आए।
सूचना मिलते ही रायपुर एसपी और कलेक्टर भी मौके पर पहुंचे और राहत व बचाव कार्य की मॉनिटरिंग की। प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से आसपास के इलाकों को खाली करवाने के निर्देश दिए। प्राथमिक जानकारी में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
फायर ब्रिगेड की टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। वहीं, अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए पुलिस और रेस्क्यू दल लगातार प्रयासरत हैं। राहत की बात यह है कि समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन कई लोगों के घायल होने की आशंका जताई जा रही है।
यह हादसा राजधानी में सुरक्षा मानकों को लेकर कई सवाल भी खड़े करता है। सात मंजिला टावर में आग बुझाने और निकासी की पर्याप्त व्यवस्था थी या नहीं, इस पर भी जांच की जा रही है।




