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Raksha Bandhan 2026: मिठाई खरीदने से पहले रहें सावधान, घर पर ऐसे पहचानें खोया-पनीर में मिलावट

जानिए , मिठाइयों में मिलावट की शुरुआती जांच घर पर कैसे करें

Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन पर मिठाइयों की मांग बढ़ते ही बाजार में मिलावट का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में मिठाई, खोया, पनीर, घी और मक्खन खरीदते समय थोड़ी सावधानी आपको मिलावटी खाद्य पदार्थों से बचा सकती है। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) के फूड एंड न्यूट्रिशन विभाग की विशेषज्ञ डॉ. सोनिका शर्मा के अनुसार, कुछ घरेलू तरीकों से खाद्य पदार्थों में मिलावट की शुरुआती पहचान की जा सकती है। हालांकि, किसी भी खाद्य पदार्थ में मिलावट की पक्की पुष्टि केवल प्रयोगशाला जांच से ही संभव है।

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दूध और दूध से बनी चीजों में ऐसे पहचानें मिलावट

दूध में मैदा की मिलावट

दूध या दूध से बने उत्पादों में मैदा की मिलावट की शुरुआती जांच के लिए दूध को गर्म करके ठंडा करें। इसके बाद इसमें आयोडीन घोल की कुछ बूंदें डालें। अगर दूध का रंग नीला पड़ जाता है तो यह स्टार्च या मैदा जैसी मिलावट की ओर संकेत कर सकता है।

खोया और रबड़ी में मिलावट

खोया या बर्फी का थोड़ा हिस्सा लेकर पानी में डालकर अच्छी तरह गर्म करें। मिश्रण ठंडा होने के बाद इसमें आयोडीन घोल की कुछ बूंदें डालें। रंग में नीला बदलाव स्टार्च जैसी मिलावट का संकेत हो सकता है। हालांकि, अंतिम पुष्टि के लिए प्रयोगशाला जांच जरूरी है।

पीली मिठाइयों में सिंथेटिक कलर से रहें सावधान

त्योहारों के दौरान चमकीले रंग वाली मिठाइयां लोगों को आकर्षित करती हैं। बहुत अधिक चटख पीला रंग सिंथेटिक रंग की मौजूदगी का संकेत हो सकता है। किसी भी संदिग्ध मिठाई की जांच के लिए घर पर तेजाब जैसे रसायनों का इस्तेमाल करना सुरक्षित नहीं है। ऐसे मामलों में खाद्य सुरक्षा विभाग या मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से जांच कराना बेहतर विकल्प है। नींबू का रस डालकर रंग बदलने जैसी घरेलू तरकीबों को भी पक्की जांच न मानें, क्योंकि इससे मिलावट की निश्चित पुष्टि नहीं होती।

चांदी के वर्क की गुणवत्ता कैसे समझें?

मिठाइयों पर लगा चांदी का वर्क भी कई बार चर्चा में रहता है। बाजार में चांदी के वर्क की जगह दूसरे धातु के वर्क के इस्तेमाल की आशंका रहती है। सिर्फ जलाकर या देखकर वर्क की शुद्धता तय करना भरोसेमंद तरीका नहीं है। इसलिए प्रतिष्ठित दुकान से मिठाई खरीदना और पैक्ड उत्पाद में लेबल व निर्माता की जानकारी देखना अधिक सुरक्षित है।

घी और मक्खन में स्टार्च की जांच

घी या मक्खन में स्टार्च की मौजूदगी का पता लगाने के लिए आयोडीन परीक्षण का इस्तेमाल किया जाता है। रंग में नीला या गहरा बदलाव स्टार्च की मौजूदगी का संकेत दे सकता है। लेकिन घरेलू परीक्षण को अंतिम प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।

पनीर में स्टार्च की मिलावट

पनीर का छोटा टुकड़ा लेकर उसके अंदरूनी हिस्से पर आयोडीन की कुछ बूंदें डालने पर यदि रंग नीला-काला हो जाए तो उसमें स्टार्च होने की आशंका हो सकती है। पनीर की बनावट भी गुणवत्ता का संकेत दे सकती है। बहुत ज्यादा रबड़ जैसी बनावट या असामान्य तरीके से टूटना खराब गुणवत्ता की ओर इशारा कर सकता है। हालांकि, बाहरी सतह पर मौजूद स्टार्च या अन्य कारणों से भी परीक्षण प्रभावित हो सकता है। इसलिए पनीर के अंदरूनी हिस्से की जांच करना बेहतर माना जाता है।

मिठाई खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

त्योहार के दौरान मिठाई और दूध से बने उत्पाद खरीदते समय कुछ सामान्य सावधानियां अपनाई जा सकती हैं:

  • भरोसेमंद और प्रतिष्ठित दुकान से ही मिठाई खरीदें।
  • बहुत ज्यादा चमकीले रंग वाली मिठाइयों से सावधान रहें।
  • खुले में लंबे समय से रखी मिठाइयां खरीदने से बचें।
  • पैक्ड खाद्य पदार्थों पर निर्माण और एक्सपायरी डेट जरूर देखें।
  • पैकेट की सील और पैकेजिंग की स्थिति जांचें।
  • संभव हो तो घर पर बने या विश्वसनीय स्रोत से खरीदे गए दूध, घी और खोये का इस्तेमाल करें।
  • पैक्ड उत्पाद खरीदते समय FSSAI लाइसेंस/जानकारी जरूर देखें।
  • किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर गंभीर संदेह हो तो उसका सेवन न करें।

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घर की बनी मिठाई हो सकती है बेहतर विकल्प

विशेषज्ञों के अनुसार त्योहारों के दौरान दूध, पनीर, मक्खन, घी और खोये की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावट का जोखिम भी बढ़ सकता है।अगर संभव हो तो घर पर ही विश्वसनीय स्रोत से लिए गए दूध और अन्य सामग्री से मिठाई तैयार करना एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है।

जरूरी बात: घरेलू मिलावट जांच के तरीके केवल शुरुआती संकेत दे सकते हैं। किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट की पक्की पुष्टि के लिए मान्यता प्राप्त खाद्य प्रयोगशाला में जांच ही विश्वसनीय तरीका है।

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