CG Vidhan Sabha Session: विधानसभा में वेदांता हादसे पर गरमाई बहस, भूपेश बघेल ने सरकार पर लगाए संरक्षण के आरोप, विपक्ष का वॉकआउट
रायपुर। CG Vidhan Sabha Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सक्ती जिले के वेदांता संयंत्र हादसे को लेकर सदन में तीखी बहस देखने को मिली। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। बहस के दौरान आरोप-प्रत्यारोप, नारेबाजी और हंगामे के बाद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि, जब इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी, तब लगा था कि सरकार गंभीरता से कार्रवाई करेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भविष्य में किसी भी औद्योगिक दुर्घटना में संबंधित कंपनी के सभी निदेशकों (डायरेक्टरों) पर इसी तरह कार्रवाई की जाएगी या यह केवल एक विशेष मामले तक सीमित रहेगा। इस पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून में जैसा प्रावधान होगा, उसी के अनुसार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसके बाद भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि. सदन में किसी विशेष व्यक्ति का नाम लेकर उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग करना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी व्यक्ति या कंपनी पर दबाव बनाने अथवा फैक्ट्री बिकवाने के उद्देश्य से इस तरह की कार्रवाई की जा रही है।
अजय चंद्राकर की टिप्पणी पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संबंधित लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने पूछा कि यदि सरकार गंभीर है तो संबंधित निदेशकों को पूछताछ के लिए क्यों नहीं बुलाया जा रहा। बघेल ने सरकार पर मामले में संरक्षण देने का भी आरोप लगाया।
CG Vidhan Sabha Session: इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। दोनों पक्षों के बीच जोरदार हंगामा हुआ और विपक्षी सदस्य “सभी आरोपियों पर एफआईआर करो” के नारे लगाने लगे। हंगामा बढ़ने पर विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन (वॉकआउट) कर दिया। वेदांता हादसे को लेकर सदन में हुई इस बहस ने औद्योगिक सुरक्षा, जवाबदेही और कार्रवाई के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया।
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