
रायपुर। छत्तीसगढ़ में हुए नगरीय चुनाव में भाजपा ने फिर से बाजी मार ली है और कांग्रेस को फिर से करारी हार का सामना करना पड़ रहा है। इसी के साथ ही कांग्रेस का ण्क बार फिर से हार के कारणों पर चिंतन करने के बजाय एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर ही निकाय चुनाव में हार का ठिकरा फोड़ दिया है।
उन्होंने पार्टी के बड़े नेताओं को हार का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि हम पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव, पीसीसी चीफ दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के कारण चुनाव हारे हैं। इन सभी को नेताओं को अब हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया है कि कांग्रेस के चारों बड़े नेताओं के बीच आपसी सामंजस्य बिल्कुल नहीं था। यही वजह है कि इन सभी नेताओं ने अपना-अपना क्षेत्र बांट लिया था। कांग्रेस के दूसरे नेताओं को सामने लाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा को प्रचंड जीत मिली है। बीजेपी ने प्रदेश के सभी 10 नगर निगमों में फतह की है। वहीं कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा। 49 नगर पालिकाओं में 35 में बीजेपी ने कब्जा किया है मात्र 8 में कांग्रेस ने जीत हासिल की है। इसके अलावा 1 में आम आदमी पार्टी ने अपना खाता खोला है और 5 में निर्दलीयों को जनता ने चुना है। इसके अलावा 114 नगर पंचायत में 81 में भारतीय जनता पार्टी, 22 में कांग्रेस 1 में बसपा और 10 पर निर्दलीयों को ने अपना परचम लहराया है।




