
रायपुर जिले के मंदिर हसौद में आयोजित सुशासन तिहार शिविर के दौरान मंगलवार को नगर पालिका अध्यक्ष और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। कार्यक्रम में प्रोटोकॉल और व्यवस्थाओं को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी ने आपत्ति जताई, जिसके बाद उनकी एडीएम उमाशंकर बंदे से बहस हो गई। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान नगर पालिका अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी ने मंच से आरोप लगाया कि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों से जुड़े प्रोटोकॉल का समुचित पालन नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि कई लोगों की शिकायतों और समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है।
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विवाद उस समय बढ़ गया जब एडीएम उमाशंकर बंदे ने प्रोटोकॉल के पालन का दावा करते हुए अध्यक्ष को मंच से नीचे जाने के लिए कहा। इसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस हुई। घटनाक्रम से नाराज अध्यक्ष के समर्थकों ने मौके पर नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि वे पूरे मामले की शिकायत जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से करेंगे। उनका आरोप है कि जनप्रतिनिधियों की बातों को नजरअंदाज किया गया और जनता की समस्याओं को अपेक्षित महत्व नहीं मिला।
वहीं प्रशासन की ओर से कहा गया कि शिविर में सभी आवश्यक प्रक्रियाओं और प्रोटोकॉल का पालन किया गया। अधिकारियों के अनुसार विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने लोगों की शिकायतें सुनीं और उनके निराकरण के लिए कार्रवाई की गई।
शिविर में कुल 381 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 78 मामलों का मौके पर समाधान किया गया। प्राप्त आवेदनों में राशन कार्ड, आधार कार्ड, श्रम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े प्रकरण प्रमुख रहे। इसके अलावा विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ भी वितरित किया गया।
गौरतलब है कि सुशासन तिहार के दौरान इससे पहले भी प्रदेश के अलग-अलग जिलों में नेताओं और अधिकारियों के बीच विवाद सामने आ चुके हैं। दुर्ग में एक जनपद पंचायत सीईओ और भाजपा नेता के बीच बहस का मामला चर्चा में रहा था, जबकि बिलासपुर, गरियाबंद और रायपुर जिले के कुछ कार्यक्रमों में भी जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली थी।




