Delhi Vidhansabha: दिल्ली विधानसभा में जोरदार हंगामा, आपस में भिड़े AAP और BJP के विधायक, स्पीकर ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
नई दिल्ली। Delhi Vidhansabha: दिल्ली विधानसभा के तीन दिवसीय मॉनसून सत्र की शुरुआत शुक्रवार को हंगामे के साथ हुई। सदन की कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी नोकझोंक देखने को मिली। इसी दौरान आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार और भाजपा विधायक रवि नेगी आपस में भिड़ते नजर आए। दोनों विधायकों के बीच पहले अपनी-अपनी सीट से ही तीखी बहस हुई। कुछ ही देर बाद दोनों अपनी सीट से उठकर एक-दूसरे की ओर बढ़ने लगे। मामला बढ़ता देख दोनों दलों के कई विधायक तुरंत बीच में पहुंचे और दोनों नेताओं को अलग किया। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।
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सदन में टोका-टाकी से बढ़ा विवाद
मॉनसून सत्र के पहले दिन सदन में भाजपा और आम आदमी पार्टी के सदस्यों के बीच लगातार टोका-टाकी होती रही। इसी दौरान कुलदीप कुमार और रवि नेगी के बीच भी किसी मुद्दे को लेकर बहस शुरू हो गई। शुरुआत में दोनों विधायक अपनी सीटों पर रहते हुए एक-दूसरे से तीखे अंदाज में बातचीत करते दिखे। देखते ही देखते दोनों खड़े हो गए और एक-दूसरे की तरफ बढ़ने लगे। स्थिति बिगड़ती देख दोनों पक्षों के विधायकों ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया।
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने जताई नाराजगी
विधायकों के इस व्यवहार पर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सदन में अनुशासन और मर्यादा बनाए रखने की स्पष्ट चेतावनी दी। स्पीकर ने कहा कि सदन के भीतर इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सदस्यों को अपनी सीट छोड़कर दूसरे विधायक की सीट तक जाने से बचने और किसी भी तरह की अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल नहीं करने की हिदायत दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई सदस्य बिना अनुमति के बोलता है या सदन की मर्यादा का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
‘बहुत सख्त कार्रवाई कर सकता हूं’
स्पीकर ने विधायकों के टकराव को गंभीरता से लेते हुए कहा कि सदन में इस तरह की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और जरूरत पड़ने पर वह कड़ी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने सभी सदस्यों को चेतावनी देते हुए कहा कि विधानसभा की कार्यवाही नियमों के तहत संचालित होगी और सदन की गरिमा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
11 अगस्त तक चलेगा मॉनसून सत्र
दिल्ली विधानसभा का यह मॉनसून सत्र तीन दिनों तक चलेगा और 11 अगस्त तक प्रस्तावित है। सत्र के दौरान दिल्ली सरकार की ओर से तीन विधेयक पेश किए जाने हैं। इसके अलावा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की तीन रिपोर्ट भी सदन में रखे जाने की जानकारी है। सत्र की शुरुआत में ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर देखने को मिला।
प्रवेश वर्मा का आतिशी पर तंज
Delhi Vidhansabha: सदन में दिल्ली सरकार के PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने नेता विपक्ष आतिशी की अनुपस्थिति को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नेता विपक्ष मॉनसून सत्र में शामिल होने के बजाय गोवा में हैं। इस टिप्पणी के बाद भी सदन में राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली। पहले दिन की कार्यवाही में जहां सरकार की ओर से आगामी विधायी कामकाज पर जोर रहा, वहीं विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की। मॉनसून सत्र के पहले ही दिन हुए इस टकराव के बाद अब सभी की नजरें आगामी कार्यवाही पर हैं और यह देखना अहम होगा कि अगले दो दिनों में सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव किस स्तर तक पहुंचता है।




