राष्ट्रपति के संबोधन के साथ हुई केंद्रीय बजट सत्र की शुरूआत, सदन में किया बस्तर और नक्सलवाद का जिक्र
नई दिल्ली। Parliament Budget Session 2026: आज 28 जनवरी बुधवार से संसद का बजट सत्र शुरू हो गया है। जिसकी शुरूआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संभोधन के साथ हुई। बताया गया कि, संसद का यह सत्र दो चरण में होगा। पहला चरण आज से शुरू हुआ जो की 13 फरवरी तक चलेगा। वहीं दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक होगा। इस दौरान कुल 30 बैठकें होंगी। 28 जनवरी और 1 फरवरी को कोई शून्यकाल नहीं होगा।
बता दें कि, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मों ने सत्र की शुरुआत करते हुए कहा, सरकार खुशहाल किसान को विकसित भारत की पहली प्राथमिकता के रूप में देखती है, इसी भावना के साथ सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, ‘ग्रामीण इलाकों में रोजगार और विकास के लिए विकसित भारत-ग्राम कानून बनाया गया है। इस नए सुधार से गांवों में 125 दिनों के रोज़गार की गारंटी मिलेगी।’
दोनों सदन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि, एक साल में माओवाद से जुड़े लगभग दो हज़ार लोगों ने आत्मसमर्पण किया है। इससे लाखों नागरिकों के जीवन में शांति लौटी है। माओवाद से प्रभावित रहे इलाकों में परिवर्तन को आज पूरा देश देख रहा है। बीजापुर के एक गांव में 26 साल बाद बस पहुंची तो लोगों ने उत्सव की तरह खुशी मनाई।
Parliament Budget Session 2026: वहीं उन्होंने सदन में बस्तर का जिक्र करते हुए कहा कि, बस्तर ओलंपिक में युवा बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। हथियार छोड़ चुके व्यक्ति आज जगदलपुर में पंडुम कैफे में लोगों की सेवा कर रहे हैं। मेरी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि जो लोग हथियार छोड़कर मुख्यधारा से जुड़े हैं, उनका जीवन पटरी पर लौटे। वो दिन दूर नहीं जब देश से आतंकवाद पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा।




