“जिंदा हूं साहब!” — वृद्धा पेंशन बंद, सरकारी कागज़ों में जीवित बुजुर्ग को मृत घोषित किया
नवहट्टा के 75 वर्षीय जवाहर यादव एक महीने से प्रखंड कार्यालय के चक्कर लगा रहे; विकास मित्र की रिपोर्ट से पोर्टल पर ‘मृत’ दिखाया गया

नवहट्टा (सहरसा): सरकारी फाइलों की लापरवाही ने सहरसा के नवहट्टा में एक जीवित बुजुर्ग को सरकारी रिकॉर्ड में मृत बना दिया है। 75 वर्षीय जवाहर यादव, जो सतौर पंचायत के वार्ड नंबर-1 (बिरजाईन) के निवासी हैं, पिछले एक माह से अपने अस्तित्व को साबित करने में भटक रहे हैं।
जवाहर यादव का नाम वोटर लिस्ट के सीरियल नंबर 295 पर मौजूद है। उन्होंने हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में मतदान भी किया था और वर्ष 2025 तक नियमित रूप से वृद्धा पेंशन प्राप्त करते रहे। लेकिन अगस्त माह के बाद से उनकी पेंशन अचानक बंद हो गई।
विकास मित्र ने रिपोर्ट में ‘मृत’ लिख दिया
जब जवाहर यादव ने प्रखंड कार्यालय में कारण पूछा तो पता चला कि पंचायत के विकास मित्र ने वार्षिक जांच प्रतिवेदन में उन्हें मृत घोषित कर दिया है। इसके आधार पर पेंशन पोर्टल पर उनका खाता ब्लॉक हो गया और भुगतान बंद कर दिया गया।
“जिंदा आदमी को कैसे मार दिया कागजों में?”
जवाहर यादव पिछले एक माह से प्रखंड कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उनके दस्तावेजों में सुधार नहीं किया गया है। उनकी उम्र, आधार कार्ड, सक्रिय वोटर आईडी—सभी यह साबित कर रहे हैं कि वे जीवित हैं, लेकिन सरकारी सिस्टम अब भी उन्हें मृत ही मान रहा है।
जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी गई
इस संबंध में बीडीओ प्रिया भारती ने बताया—
“मुझे जानकारी होने के बाद पूरा मामला जांचकर जिलाधिकारी को भेज दिया गया है। अब अंतिम प्रक्रिया डीएम लॉगिन से होगी, जो शीघ्र पूरी कर दी जाएगी।”




