Bengal Rape Accused Encounter: बंगाल में दुष्कर्म और हत्या का मुख्य आरोपी पुलिस एनकाउंटर में ढेर, 11 साल की मासूम से की थी बर्बरता
कोलकाता। Bengal Rape Accused Encounter: पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के सनसनीखेज मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इस मामले के मुख्य आरोपी प्रभास मंडल की बुधवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी को घटनास्थल पर क्राइम सीन रिक्रिएशन के लिए ले जाया गया था, जहां उसने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी की राइफल छीनकर भागने की कोशिश की और फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बारुईपुर थाना क्षेत्र में दर्ज मामले की जांच के तहत रात करीब 12:45 बजे प्रभास मंडल को सूर्यपुर स्थित घटनास्थल पर ले जाया गया था। इसी दौरान उसने पुलिस टीम पर हमला कर भागने का प्रयास किया। पुलिस का दावा है कि आरोपी की ओर से गोली चलाए जाने के बाद आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की गई। घायल अवस्था में उसे बारुईपुर महकमा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की मजिस्ट्रियल एवं कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मुठभेड़ की परिस्थितियों की भी विस्तृत जांच की जाएगी ताकि सभी तथ्यों की निष्पक्ष पड़ताल हो सके।
जांच के दौरान मिले सीसीटीवी फुटेज में प्रभास मंडल को पीड़िता के साथ जाते हुए देखा गया था। इसी अहम साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने बोरे में बंद पीड़िता का शव बरामद किया। हालांकि, जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी लगातार अपने बयान बदलकर जांच को भटकाने की कोशिश कर रहा था।
इस मामले में पुलिस ने एक अन्य आरोपी कबीर मोल्ला को भी गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही दुष्कर्म और हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। वहीं, घटना के बाद पुलिस पर हुए हमले के मामले में अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि अन्य संदिग्धों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Bengal Rape Accused Encounter: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस जघन्य वारदात पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को 72 घंटे के भीतर जांच में ठोस प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे और चेतावनी दी थी कि जांच में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।




