CG Monsoon Update: छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार धीमी, उत्तर संभाग में अगले 5 दिन बारिश के आसार, खेती पर पड़ सकता है असर
रायपुर। CG Monsoon Update: छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है। हालांकि मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अगले पांच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है। इस दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की अपील की है। बीते 24 घंटों में सरगुजा संभाग के कई क्षेत्रों और बस्तर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में सबसे अधिक 10 मिमी वर्षा खरोरा में रिकॉर्ड की गई।
सामान्य से काफी कम बारिश
राज्य में अब तक मानसून सामान्य से पीछे चल रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अब तक 252.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य रूप से 320.6 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक करीब 21 से 24 प्रतिशत तक वर्षा की कमी बनी हुई है। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस पेंड्रारोड में रिकॉर्ड हुआ।
रायपुर में बादल और बारिश के संकेत
राजधानी रायपुर में दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, शहर में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
अगले दो दिन भी बदले रहेंगे मौसम के तेवर
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। कुछ स्थानों पर बिजली चमकने और तेज गर्जना की भी संभावना है। लोगों को सतर्क रहने और मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
प्रदेश के आधे जिले अब भी बारिश की कमी से जूझ रहे
मानसून की सुस्ती का असर राज्य के कई जिलों में देखने को मिल रहा है। 32 जिलों में से 16 जिले अभी भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज कर रहे हैं। वहीं 14 जिलों में बारिश सामान्य श्रेणी में बनी हुई है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ सबसे आगे
इस सीजन में सारंगढ़-बिलाईगढ़ सबसे अधिक वर्षा वाला जिला रहा है। यहां अब तक 462.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 74 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा मुंगेली में भी सामान्य से लगभग 21 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
खेती पर पड़ सकता है असर
CG Monsoon Update: जुलाई का पहला पखवाड़ा खरीफ फसलों, विशेषकर धान की बुआई के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। जिन जिलों में वर्षा सामान्य से कम हुई है, वहां किसानों को बुआई और फसलों की शुरुआती बढ़वार में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार यदि 13 से 15 जुलाई के बीच अच्छी बारिश होती है, तो खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचेगी और किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।




