धान खरीदी में अव्यवस्था पर कांग्रेस ने लाया काम रोको प्रस्ताव, भूपेश बघेल ने कहा- सरकार धान खरीदी व्यवस्था को चौपट करना चाहते हैं
रायपुर। Assembly Winter Session 2025: विधानसभा के शीतकाली सत्र के दूसरे दिन आज नेताप्रतिपक्ष चरण दास महंत ने सदन में धान खरीदी में अव्यवस्था को लेकर काम रोको प्रस्ताव लाया। कांग्रेस ने सारे काम रोक कर धान पर की चर्चा की मांग। नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने सदन में कहा कि, किसानों को टोकन नहीं मिल रहा है, पंजीयन में जटिलता है और खरीदी ठप्प है। साथ ही सूखत काटा जाता है। बोरा कम वजन का है।
उन्होंने कहा कि,किसान खून के आंसु रो रहे हैं। पंजीयन में जानबूझकर जटिलता की गई। गिरदावरी में त्रुटिया हुई, अब तक 5 किसानो का पंजीयन नहीं हुआ है। वनअधिकार पट्टा वाले किसानों का पंजीयन नहीं हो रहा है। किसानों को टोकन नहीं मिल रहा है और वेआत्महत्या को मजबूर हो रहे हैं। सुखत काटने के नाम पर दो किलो ज्यादा धान किसानों से खरीद रहे हैं। वहीं बोरा का वजन कम है, जितना होना चाहिए नहीं है, धान सोसायटी से उठ नहीं रहा जिस वजह से किसान परेशान है।
वहीं विपक्ष द्वारा धान खरीदी अव्यवस्था पर लाया गया स्थगन प्रस्ताव आसंदी ने स्वीकार कर चर्चा कराने की अनुमति दी, जिसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चर्चा की शुरुवात की। उन्होंने कहा कि, सरकार धान खरीदना नहीं चाहती है, और किसानों का रकबा लगातार घट रहा है। उन्होंने कहा कि टावर नहीं होने से नेट नहीं चल रहा है। 3 मिनट बाद पोर्टल बंद हो जाता है और किसान पूरे प्रदेश में भटक रहे हैं। महासमुंद के किसान ने अपना गला काट लिया।
Assembly Winter Session 2025: उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धान खरीदी व्यवस्था को चौपट करना चाहती है और निजी व्यवसाय को सौंपना चाहती है। बीजेपी की सरकार में किसान धान नहीं बेच पा रहे है। मनबोध जैसे लाखों किसान बेच नहीं पा रहे है। लाखों कुंटल धान सोसाइटी में सड़ रहा है। सोसायटी में धान उठाव नहीं हो रहा है। एक महीने 35 लाख मिट्रिक टन खरीदी हुई है। अव्यवस्था के लिए पूरी सरकार जिम्मेदार है। FCI पिछले साल का चावल नहीं खरीदती है।




