Independence Day 2026: PM मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें: खेल, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत का संकल्प
नई दिल्ली। Independence Day 2026: स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लालकिले की प्राचीर से तिरंगा फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया। अपने 13वें स्वतंत्रता दिवस संबोधन में उन्होंने विकसित भारत-2047, आत्मनिर्भरता, खेल, ऊर्जा, रेलवे, सेमीकंडक्टर, नक्सलवाद और देश की उपलब्धियों को प्रमुखता से सामने रखा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत एक विकसित राष्ट्र बनेगा। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों के सामूहिक संकल्प, परिश्रम और सामर्थ्य से यह लक्ष्य हासिल किया जाएगा। उनके अनुसार पिछले वर्षों में करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव आया है और भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है।
खेलों में नई प्रतिभाओं की खोज पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत खेलों की दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है और अंतरराष्ट्रीय पोडियम पर तिरंगा लगातार दिखाई दे रहा है। उन्होंने ‘जो खेलेगा, वो खिलेगा’ का संदेश देते हुए TOPS, खेलो इंडिया गेम्स, यूनिवर्सिटी गेम्स, विंटर गेम्स और बीच गेम्स जैसी पहलों का उल्लेख किया।
उन्होंने 2036 ओलंपिक की मेजबानी की भारत की दावेदारी का जिक्र करते हुए **5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा तलाशने के लिए गांव-गांव, शहर-शहर और स्कूल-स्कूल ‘प्रतिभा खोज’ अभियान** चलाने की घोषणा की। प्रतिभाशाली बच्चों को प्रशिक्षण, कोचिंग और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर श्रेष्ठ खिलाड़ी तैयार किए जाएंगे।
आत्मनिर्भर भारत को बताया समय की जरूरत
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी और विभिन्न वैश्विक युद्धों के बीच भारत ने अपनी तैयारियों और आत्मनिर्भरता की नीति के कारण कई चुनौतियों का सामना मजबूती से किया। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल, खाद, दवाइयों और तकनीक जैसे महत्वपूर्ण संसाधनों पर अत्यधिक निर्भरता देश के हित में नहीं है। भारत को अपनी क्षमताओं और संसाधनों को मजबूत करना होगा।
उन्होंने कहा कि दुनिया में कई देश अपने हितों और संसाधनों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे समय में आत्मनिर्भर भारत का संकल्प और भी महत्वपूर्ण हो गया है।
गैस, सौर ऊर्जा और रेलवे में प्रगति का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने पिछले वर्षों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि पाइप से गैस की सुविधा 70 शहरों से बढ़कर 700 शहरों तक पहुंची है और पाइप गैस कनेक्शन वाले घरों की संख्या करीब 1.75 करोड़ हो गई है।
उन्होंने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री के अनुसार देश की सौर ऊर्जा क्षमता में कई गुना वृद्धि हुई है और **पीएम सूर्य घर, मुफ्त बिजली योजना** के माध्यम से घरों तक सौर ऊर्जा पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। रेलवे विद्युतीकरण की तेज गति को भी उन्होंने देश की विकास यात्रा का उदाहरण बताया।
सेमीकंडक्टर निर्माण में भारत की प्रगति
प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक डिजिटल अर्थव्यवस्था में सेमीकंडक्टर का महत्व अत्यधिक बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि भारत में सेमीकंडक्टर संयंत्रों की स्थापना शुरू हो चुकी है और आने वाले वर्षों में कई और संयंत्र शुरू किए जाएंगे। इसे विकसित भारत और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
नक्सलवाद और वैचारिक हिंसा के प्रति चेतावनी
प्रधानमंत्री ने कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई से स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। साथ ही उन्होंने समाज को ऐसी विचारधाराओं के प्रति भी सतर्क रहने की अपील की, जो युवाओं को हिंसा, विभाजन और अराजकता की ओर ले जा सकती हैं। उन्होंने ऐसे तत्वों के लिए ‘दिमागी नक्सली’ शब्द का इस्तेमाल किया और कहा कि समाज को उनके तौर-तरीकों को समझकर युवाओं को उनके प्रभाव से बचाना होगा।
5,000 विशेष अतिथि बने समारोह का हिस्सा
लालकिले के समारोह में महिला उद्यमियों, किसानों, युवा नवप्रवर्तकों, वैज्ञानिकों, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों, श्रमिकों, स्वयंसेवकों और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले लोगों सहित लगभग 5,000 विशेष अतिथि शामिल हुए। विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा के माध्यम से समारोह में सांस्कृतिक विविधता का रंग भी जोड़ा।
Gen-Z को तोहफा
पीएम मोदी ने इस बार ‘Gen-Z’ (युवा पीढ़ी), छात्रों और शोधकर्ताओं पर पूरी तरह केंद्रित नजर आया। उन्होंने ‘फ्री कोचिंग नेटवर्क’ और डिजिटल लर्निंग का बड़ा तोहफा दिया है। इसके साथ ही कहा कि हमने युवाओं को रिसर्च के नए अवसर दिए हैं. इनोवेशन के लिए एक लाख करोड़ रुपये का फंड बनाया गया है।
Independence Day 2026: इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस समारोह **‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने** के अवसर से भी विशेष रूप से जुड़ा रहा। प्रधानमंत्री के संबोधन का व्यापक संदेश आत्मनिर्भर, विकसित और मजबूत भारत के निर्माण के साथ युवाओं और नई प्रतिभाओं को अवसर देने पर केंद्रित रहा।




