CGPSC Recruitment Scam: CGPSC SI भर्ती विवाद, ‘NEWS’ और ‘SPACERANI’ नामों पर सियासत तेज, आयोग के खंडन के बाद BJP का कांग्रेस पर हमला
रायपुर। CGPSC Recruitment Scam: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की सूबेदार, उपनिरीक्षक (SI) संवर्ग एवं प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा-2024 के प्रारंभिक परीक्षा परिणाम में सामने आए कुछ असामान्य नामों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक टकराव में बदल गया है। आयोग के आधिकारिक खंडन के बाद शुक्रवार को भाजपा और कांग्रेस ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए एक-दूसरे पर निशाना साधा।
भाजपा ने कांग्रेस पर बोला हमला
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि, छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपार मेहनत कर परीक्षा पास करने वाले छात्रों को फर्जी बताया, उनके नामों का उपहास उड़ाया और उन्हें नौकरी मिलने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ इससे बड़ा मजाक नहीं हो सकता। चिमनानी ने कांग्रेस से अफवाह फैलाने, युवाओं का अपमान करने और उनके भविष्य में बाधा बनने के लिए तत्काल सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। भाजपा ने अपने दावों के समर्थन में कुछ सफल अभ्यर्थियों के वीडियो भी जारी किए, जिनमें अभ्यर्थी स्वयं अपनी पहचान बताते हुए कह रहे हैं कि परिणाम सूची में दर्ज उनके नाम सही हैं और उन्होंने इन्हीं नामों से आवेदन किया था।
कांग्रेस ने उठाए नए सवाल
इसके जवाब में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने सोशल मीडिया पर CGPSC का खंडन पत्र साझा करते हुए लिखा कि आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि सभी नाम सही हैं। हालांकि उन्होंने आयोग को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वास्तव में सभी नाम सही हैं, तो ‘NEWS’ और ‘SPACERANI’ जैसे अभ्यर्थियों की पहचान, शैक्षणिक विवरण और मूल ऑनलाइन आवेदन पत्र सार्वजनिक किए जाएं, ताकि छत्तीसगढ़ की जनता भी ऐसे नाम वाले अभ्यर्थियों से परिचित हो सके।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
CGPSC ने 4 अगस्त 2026 को गृह (पुलिस) विभाग के अंतर्गत 341 पदों पर सूबेदार, उपनिरीक्षक (SI) संवर्ग और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा-2024 के प्रारंभिक परीक्षा परिणाम घोषित किए। इस परीक्षा में 7,301 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया। ([NDTV][1]) परिणाम सूची में कुछ ऐसे नाम सामने आए, जिन्होंने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा। इनमें प्रमुख रूप से—
NEWS (क्रमांक 6074, रोल नंबर 2402148213)
SPACERANI (क्रमांक 467, रोल नंबर 2402105174)
MANBAS (क्रमांक 93, रोल नंबर 2402101319)
इसके अलावा सोशल मीडिया पर He Ram, Bhakt Prahlad और अन्य कुछ नामों की भी चर्चा हुई। इन नामों के स्क्रीनशॉट वायरल होने लगे और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे।


भूपेश बघेल ने क्या कहा था?
विवाद बढ़ने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तंज कसते हुए लिखा कि, “दोनों को सांय-सांय बधाई। सनी लियोनी को महतारी वंदन योजना का लाभ मिलने के बाद ये विष्णुदेव साय की अभूतपूर्व उपलब्धि है।” बघेल ने ‘NEWS’ और ‘SPACERANI’ नामों का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने पहले हुए ‘सनी लियोनी’ नाम से जुड़े महतारी वंदन योजना विवाद का भी जिक्र किया।
NEWS और SPACE RANI को CGPSC द्वारा आयोजित सब इंस्पेक्टर प्री एग्जाम में सांय-सांय सफलता मिली है. दोनों को सांय-सांय बधाई.
सनी लियोनि को महतारी वंदन योजना का लाभ मिलने के बाद ये विष्णुदेव जी की अभूतपूर्व उपलब्धि है.
एक करोड़ रुपए के प्रतिदिन विज्ञापन देकर जनसम्पर्क विभाग को… pic.twitter.com/QuRRIh2vw5
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) August 6, 2026
CGPSC ने क्या कहा?
सोशल मीडिया पर विवाद बढ़ने के बाद 6 अगस्त 2026 को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने आधिकारिक खंडन जारी किया।आयोग ने स्पष्ट कहा कि, सोशल मीडिया पर अभ्यर्थियों के नामों को लेकर फैलाई जा रही जानकारी भ्रामक और तथ्यहीन है। परिणाम में वही नाम प्रदर्शित किए गए हैं, जो अभ्यर्थियों ने स्वयं ऑनलाइन आवेदन पत्र में दर्ज कर अंतिम रूप से सबमिट किए थे। इन्हीं नामों के आधार पर एडमिट कार्ड जारी किए गए। दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) और शारीरिक परीक्षण (PST) भी इन्हीं नामों के आधार पर संपन्न हुआ। प्रारंभिक लिखित परीक्षा भी इन्हीं नामों से आयोजित की गई। आयोग ने अभ्यर्थियों और आम जनता से अपील की कि वे केवल CGPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी पर ही भरोसा करें और सोशल मीडिया पर प्रसारित अफवाहों से बचें।
अब विवाद किस बात पर है?
आयोग के स्पष्टीकरण के बाद विवाद भर्ती प्रक्रिया से हटकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का रूप ले चुका है। भाजपा का कहना है कि आयोग के स्पष्टीकरण के बाद कांग्रेस को युवाओं से माफी मांगनी चाहिए क्योंकि उसने बिना तथ्य जाने सफल अभ्यर्थियों को संदेह के घेरे में खड़ा किया। वहीं कांग्रेस का कहना है कि यदि आयोग अपने दावे पर कायम है, तो पारदर्शिता के लिए संबंधित अभ्यर्थियों की पहचान, शैक्षणिक जानकारी और मूल आवेदन पत्र सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
आगे क्या?
CGPSC के अनुसार सूबेदार, SI और प्लाटून कमांडर भर्ती की *मुख्य परीक्षा 24, 25 और 26 अक्टूबर 2026 को संभावित रूप से आयोजित की जाएगी। प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए निर्धारित समय में ऑनलाइन आवेदन करना होगा। फिलहाल आयोग अपने आधिकारिक स्पष्टीकरण पर कायम है, जबकि भाजपा और कांग्रेस इस मुद्दे पर आमने-सामने हैं। ऐसे में ‘NEWS’ और ‘SPACERANI’ जैसे नामों से शुरू हुआ यह विवाद अब प्रदेश की राजनीति का नया मुद्दा बन गया है।
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CGPSC Recruitment Scam: छत्तीसगढ़ CGPSC भर्ती घोटाला अब राजनीतिक विवाद का रूप लेता दिखाई दे रहा है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस ने मेहनत और प्रतियोगी प्रक्रिया के जरिए सफल हुए छात्रों को कथित तौर पर फर्जी बताकर उनके नाम और मेहनत का अपमान किया और उनकी नियुक्ति का विरोध किया। भाजपा ने इसे प्रदेश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कांग्रेस से अपने कथित बयानों और आरोपों को लेकर स्पष्टीकरण देने की मांग की है।





