CG News: बदहाल सड़कों से परेशान ग्रामीणों का अनोखा प्रदर्शन, कीचड़ भरी सड़क में की धान की रोपाई, की जांच की मांग
बालोद/ बलरामपुर। CG News: बारिश का मौसम आते ही कई तरह की परेशानियां भी देखने को मिलती है। कहीं बाढ़ का असर तो कहीं बदहाल सड़क। ऐसा ही मामला छत्तीसगढ़ के बालोद और बलरामपुर जिले से सामने आया है। जहां बदहाल सड़क से परेशान ग्रामीणों ने अनोखा प्रदर्शन किया है। ग्रामीणों ने सड़क पर जमा कीचड़ में धान की रोपाई कर अपनी नाराजगी जाहिर की और जल्द सड़क निर्माण शुरू कराने की मांग उठाई।
बालोद जिले के डौंडी विकासखंड स्थित ग्राम भैंसबोड़ के ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क के निर्माण के लिए करीब 9 महीने पहले कार्यादेश जारी किया जा चुका है, लेकिन अब तक ठेकेदार ने निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है। बारिश के मौसम में सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गई है, जिससे लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। रोजाना स्कूली बच्चों, किसानों, मरीजों और ग्रामीणों को इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। कीचड़ और जलभराव के कारण कई बार लोग फिसलकर घायल भी हो चुके हैं। लगातार शिकायतों के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
दी आंदोलन की चेतावनी
इसी नाराजगी के चलते ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर कीचड़ में धान की रोपाई की और इसे प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का विरोध बताया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि यदि जल्द सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि लंबित सड़क निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराया जाए, ताकि लोगों को बारिश के मौसम में हो रही परेशानी से राहत मिल सके। फिलहाल इस अनोखे प्रदर्शन की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। वहीं, संबंधित विभाग और ठेकेदार की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
वहीं दूसरी ओर बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत चंद्रनगर में सड़क मुरमीकरण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर नाममात्र मुरम डाली गई, जबकि अभिलेखों में करीब 1320 ट्रैक्टर मुरम का बिल तैयार किया गया। पहली ही बारिश में सड़क की मुरम बह जाने से कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पंचायत की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
CG News: ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर केवल 100 से 150 ट्रैक्टर मुरम डालकर कार्य पूरा दिखा दिया गया, जबकि रिकॉर्ड में 1320 ट्रैक्टर मुरम दर्शाए जाने की चर्चा है। पहली बारिश में सड़क की मुरम बह गई और पूरा मार्ग कीचड़ व दलदल में तब्दील हो गया, जिससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने पंचायत की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि विकास कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। उनका कहना है कि मामले की जानकारी प्रशासन तक पहुंचने के बाद संबंधित भुगतान पर रोक लगाए जाने की चर्चा है। अब ग्रामीण जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, भौतिक सत्यापन और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।




