[t4b-ticker]
Advertisement
ट्रेंडिंग-न्यूज़धर्मबड़ी खबरब्रेकिंग न्यूज़

Shaniwar Upay: शनिवार के दिन जरूर करें पीपल के पेड़ से जुड़े ये उपाय, शनि की साढ़ेसाती से मिलेगी मुक्ति

Shaniwar Upay: सप्ताह का हर दिन किसी न किसी भगवान का होता है। ठीक वैसे ही आज शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा भाव से शनिदेव की पूजा-अर्चना करने पर दुख-दर्द दूर होने लगते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। शनिवार के दिन दान-पुण्य और कुछ विशेष उपाय करना बेहद शुभ माना जाता है। शनिवार के दिन पीपल के पेड़ की पूजा करना अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। इससे शनिदेव और पितरों का भी आशीर्वाद मिलता है। जिससे घर में सुख-शांति आती है और फिजूलखर्ची कम होती है। तो चलिए जानते हैं शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष के उपाय।

Child Laborers In Factory: फैक्ट्रियों में छापा… मिले बाल श्रमिक, दूसरे राज्यों से लाकर कराया जा रहा था काम, तस्करी की आशंका

शनि दोष और पितृ दोष से मुक्ति

बता दें कि, हिंदू धर्म में पीपल के वृक्ष को बहुत ही पवित्र माना गया है। मान्यताओं के अनुसार, शनिवार के दिन पीपल की विधिवत पूजा करने से शनि ग्रह के अशुभ प्रभाव कम होते हैं। साथ ही साढ़ेसाती, ढैय्या और अन्य ग्रह संबंधी परेशानियों से मुक्ति मिलती है। पीपल पूजन से पितरों की कृपा प्राप्त होती है, जिससे परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।

पीपल की जड़ में दूध अर्पित करने का महत्व

शनिवार की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद शनिदेव का कच्चे एवं शुद्ध दूध से अभिषेक करें। साथ ही पीपल वृक्ष की जड़ में भी दूध अर्पित करें। मान्यताओं के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में विष योग बनता है, उन्हें यह उपाय विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।

पितृ दोष से मुक्ति के लिए करें यह उपाय

किसी व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष हो तो शनिवार या अमावस्या के दिन पीपल वृक्ष की पूजा करना शुभ माना जाता है। इस दौरान सफेद सूत को पीपल के तने पर 7 या 11 बार लपेटते हुए परिक्रमा करें। साथ ही जड़ में काले तिल अर्पित करें। इस उपाय से पितृ दोष के प्रभाव में कमी आती है और पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

शाम के समय दीपक जलाने की परंपरा

शनिवार की संध्या बेला में पीपल वृक्ष के नीचे सरसों या तिल के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे शनिदेव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। हालांकि, पीपल पूजन से जुड़े नियमों का पालन करना भी जरूरी माना गया है।

National Anthem In Schools: अब स्कूलों में अनिवार्य होगा राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और राज्यगीत, शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश

सूर्यास्त के बाद क्यों नहीं की जाती पीपल की पूजा?

Shaniwar Upay: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिन के समय पीपल वृक्ष में माता लक्ष्मी का निवास माना जाता है, जबकि सूर्यास्त के बाद अलक्ष्मी का वास बताया गया है। इसलिए रात के समय पीपल की पूजा या अनावश्यक रूप से उसके निकट जाने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि ऐसा करने से आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं।

 

Advertisement
Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close