लाल आतंक का अंत निकट, छत्तीसगढ के इस जिले से 3 माओवादियों ने किया सरेंडर, कई बड़े नक्सल वारदातों में थे शामिल
कांकेर। Kanker Naxal Surrender: नक्लसवाद के खात्मे की जो 31 मार्च 2026 डेडलाइन बताई गई है। उसे पूरा होने में महज अब तीन दिन बाकी है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। जहां परतापुर थाना में 3 माओवादियों ने सरेंडर किया है। तीनों माओवादी बिना हथियार के थाना पहुंचे और पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। जिसकी आधिकारिक पुष्टि कांकेर एसपी द्वारा की गई है।
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पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी लंबे समय से नक्सल गतिविधियों से जुड़े हुए थे और कई बड़ी वारदातों में शामिल थे। फिलहाल उनसे पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के आत्मसमर्पण से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी।
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Kanker Naxal Surrender: बता दें कि, बीते दिनों नक्सली संगठन के टॉप नक्सली कमांडर पापाराव ने भी अपने 12 से अधिक साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया था। पापाराव को नक्सली संगठन का बड़ा लीडर माना जाता था, जो कई बड़े नक्सल वारदातों का मास्टमाइंड था। नक्सल कमांडर पापराव के आत्मसमर्पण के बाद छत्तीसगढ़ में अब कोई भी बड़ा नक्सली लीडर नहीं बचा है। इसी वजह से ऐसा माना जा रहा है कि, अब प्रदेश में नक्सलवाद लगभग खत्म हो चुका हैं।




