खोदावंदपुर (बेगूसराय): बिहार के बेगूसराय जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। खोदावंदपुर थाना क्षेत्र के चकवा गांव में शनिवार की रात एक 22 वर्षीय विधवा महिला ने पहले अपने 11 महीने के बेटे की हत्या कर दी और फिर खुदकुशी कर ली।
मृतका की पहचान उर्मिला देवी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उर्मिला ने पहले अपने मासूम बेटे चिराग कुमार (11 माह) का गला दबाकर हत्या की और उसके बाद घर में ही फांसी लगाकर जान दे दी।
पति की मौत से टूटी महिला
जांच में सामने आया है कि उर्मिला के पति की छह महीने पहले सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। तभी से वह गहरे सदमे और आर्थिक तंगी से गुजर रही थी। पुलिस का कहना है कि मानसिक तनाव और अवसाद (डिप्रेशन) के कारण उसने यह कदम उठाया हो सकता है।
हत्या या आत्महत्या?
हालांकि, इस घटना पर नया मोड़ तब आया जब उर्मिला के मायके पक्ष ने आरोप लगाया कि उसकी हत्या की गई है। उन्होंने संदेह जताया कि उर्मिला और उसके बेटे की हत्या उसके भैंसुर (पति के बड़े भाई) विजय महतो ने की है। अभी तक पुलिस को इस मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है।
गांव में दहशत
घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है। लोग दबी जुबान में चर्चा कर रहे हैं कि यह आत्महत्या है या हत्या। पुलिस ने मां-बेटे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने और आवेदन दर्ज होने के बाद ही वास्तविकता सामने आ पाएगी।




