पर्दे के पीछे रहने वाले पंच पति अब मंच पर ले रहे बिना पद के शपथ, कवर्धा में पंचायत सचिव ने 7 महिला पंचों के पतियों को दिलाई शपथ

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पंचायत और निकाय चुनाव के परिणाम आने के बाद से नवनिर्वाचित जन प्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण का दौर लगातार जारी है। नगर निगमों और पालिकाओं में शपथ ग्रहण हो चुका है और इसके बाद अब पंच-सरपंचों का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में शपथ ग्रहण के दौरान कवर्धा जिले के पंचायत सचिव द्वारा एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जो काफी हद तक लापरवाही कम और पुरूष प्रधान समाज की कहानी ज्यादा नजर आ रहा है।
दरअसल ये मामला पंडरिया ब्लॉक के परसवारा ग्राम पंचायत का है, जहां पंचायत सचिव ने 7 महिला पंचों के बजाए उनके पतियों को शपथ दिला दी। शपथ ग्रहण समारोह का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं, पतियों को शपथ दिलाए जाने के चलते निर्वाचित होने के बाद भी महिला पंचों को शपथ नहीं दिलाई गई।
बल्कि निर्वाचित महिला पंचों के बजाए उनके पतियों को शपथ दिलाई गई। जो कि किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। लापरवाही तब होती जब यहां किसी तरह का कोई संशय होता लेकिन चूंकि ऐसा हमेशा से होता आया है कि महिला केवल नाम की पंच या सरपंच बनती आई हैं। जनता द्वारा चुने जाने के बवाजूद उनके स्थान पर उनके पति पद संभालते रहे हैं। इन महिलाओं के पीछे असल कर्ता-धर्ता भी वहीं पंच पति ही होते हैं।
लेकिन सवाल यह है कि क्या बिना पद में होते हुए भी किसी को शपथ दिलाई जा सकती है?




