गुजराती समाज बिना डीजे के मनाएगा गरबा उत्सव, सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के निर्देशों का किया जाएगा पालन…

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव शहर के सर्व गुजराती समाज ने जागरूकता का परिचय देते हुए नवरात्र पर्व के दौरान गरबा उत्सव बिना डीजे के ही मनाने का निर्णय किया है। समाज ने बैठक कर तय किया है कि उत्सव के दौरान सुप्रीम कोर्ट एवं हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन किया जाएगा। बैठक के बाद पदाधिकारियों ने कलेक्टर व एसपी से मिलकर निर्णय की जानकारी दी। इस पर उन्होंने समाज की पहल की सराहना करते हुए अन्य समाजों को भी इसी तरह की जागरूकता दिखाने का आग्रह भी किया।
सर्व गुतजारी समाज में शामिल लोहाणा समाज, कच्छ कड़वा पाटीदार समाज व कच्छ गुर्जर क्षत्रीय समाज के पदाधिकारियों ने कलेक्टर संजय अग्रवाल व पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग से भेंटकर बताया कि नवरात्रि पर्व पर गरबा उत्सव में सुप्रीम कोर्ट एवं हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए डीजे नहीं बजाने का निर्णय लिया है। इस बैठक में तीनों समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि विगत पचास वर्षों से सर्व गुजराती समाज यह पर्व सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में धार्मिक परंपरानुसार मनाया जाता है, ठीक उसी प्रकार इस वर्ष भी मनाया जायेगा। गुजराती समाज के प्रतिनिधियों ने अवगत कराया कि नवरात्रि पर्व आस्था का बड़ा पर्व है, जिसे सामाजिक, धार्मिक एवं पारिवारिक वातावरण में गरबा उत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसमें पूरे नौ दिनों तक माताजी की पूजा, आराधना व गरबा के साथ ज्योत जंवारा भी लगाया जाता है। पूरे उत्सव के दौरान सिर्फ समाज के सदस्य ही गरबा खेलते हैं। बाहरी लोगों को किसी प्रकार का प्रवेश नहीं दिया जाता। पदाधिकारियों ने कलेक्टर व एसपी को आयोजन की पूरी रूपरेखा के बारे में भी जानकारी दी।
डिप्टी-कमिश्नर के साइको बेटे पर युवती की अश्लील फोटो वायरल करने का आरोप




