दिल्ली एयरपोर्ट पर एअर इंडिया की फ्लाइट में अफरातफरी, सिंगापुर जाने वाली उड़ान में कूलिंग सिस्टम फेल, दो घंटे बाद उतारे गए यात्री
सिंगापुर जाने वाली उड़ान में कूलिंग सिस्टम फेल, दो घंटे बाद उतारे गए यात्री
नई दिल्ली : 10 सितंबर की रात एयर इंडिया की दिल्ली-सिंगापुर उड़ान एआई2380 में सवार यात्रियों को बड़ी असुविधा का सामना करना पड़ा। बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर विमान के एयर कंडीशनिंग और विद्युत आपूर्ति में खराबी आने के कारण करीब 200 से अधिक यात्री दो घंटे तक विमान के अंदर गर्मी में बैठे रहे। इस दौरान सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कई यात्री अखबार और पत्रिकाओं से खुद को हवा करते नजर आए। अंततः सभी को टर्मिनल पर उतारा गया, जहां एयर इंडिया स्टाफ ने खाने-पीने की व्यवस्था की। एयरलाइन ने देरी की पुष्टि करते हुए इसे “कैबिन कूलिंग इश्यू” बताया और यात्रियों से माफी मांगी।
एयर इंडिया की उड़ान एआई2380 रात 11 बजे दिल्ली से सिंगापुर रवाना होनी थी, लेकिन टेकऑफ से पहले ही तकनीकी गड़बड़ी ने उड़ान को रोक दिया। लगभग दो घंटे तक यात्री उसी स्थिति में बैठे रहे। इसके बाद सभी को उतारकर टर्मिनल में भेजा गया। एयर इंडिया ने विमान बदला और उड़ान सुबह 5:36 बजे रवाना की, जिससे कुल देरी करीब छह घंटे की हुई। एयरलाइन ने बयान जारी कर कहा कि यात्रियों को समय-समय पर जानकारी दी जाती रही और टर्मिनल पर रिफ्रेशमेंट उपलब्ध कराए गए।
यह कोई पहला मौका नहीं है जब एयर इंडिया की उड़ानें तकनीकी खराबी की वजह से चर्चा में आई हों। मई 2025 में दिल्ली-भुवनेश्वर उड़ान में एयर कंडीशनिंग फेल हो गया था। जून 2025 में जयपुर-दुबई फ्लाइट में यात्री पांच घंटे तक बिना कूलिंग के बैठे रहे और बाद में उड़ान रद्द करनी पड़ी। 31 मई को दिल्ली-सिंगापुर उड़ान एआई2382 भी तकनीकी खराबी के कारण 8.5 घंटे देरी से रवाना हुई थी। इसी तरह 8 सितंबर को मुंबई-दिल्ली फ्लाइट की लैंडिंग का पहला प्रयास असफल रहा और यात्रियों को उतारना पड़ा। जुलाई में कोच्चि-मुंबई फ्लाइट बारिश के दौरान रनवे पर फिसल गई थी, जबकि 12 जून को अहमदाबाद से टेकऑफ करने वाली फ्लाइट एआई171 दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें भारी जानहानि हुई।
डीजीसीए की रिपोर्ट बताती है कि अकेले 2025 की पहली छमाही में एयर इंडिया ग्रुप की 85 तकनीकी खराबियाँ दर्ज की गईं, जिसने यात्रियों की सुरक्षा और कंपनी की साख दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरलाइन को रखरखाव प्रणाली और निगरानी में तुरंत सुधार करने की जरूरत है, वरना यात्रियों का भरोसा लगातार कमजोर पड़ता जाएगा।




